युवा इंजीनियर्स के दम पर हिंदुस्तान जिंक गढ़ रहा देश के माइनिंग सेक्टर का भविष्य

 कुल अधिकारियों में 57.8% इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से, FY26 में जोड़े 335 नए कैंपस टैलेंट

उदयपुर। ‘इंजीनियर्स डे’ के अवसर पर विश्व की सबसे बड़ी एकीकृत जिंक उत्पादक और शीर्ष 10 सिल्वर उत्पादक कंपनियों में शामिल हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने अपने युवा इंजीनियर्स की उस अग्रणी भूमिका को रेखांकित किया है, जो देश के मेटल व माइनिंग उद्योग को नई दिशा दे रहे हैं। वर्तमान में कंपनी के कुल अधिकारियों में 57.8 प्रतिशत इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से हैं, जबकि युवा प्रोफेशनल्स के कैडर में 76 प्रतिशत कोर इंजीनियर तकनीकी बदलाव और डिजिटलीकरण को रफ्तार दे रहे हैं।

आधुनिक तकनीक से सुरक्षित और स्मार्ट माइनिंग पारंपरिक रूप से मशीनों और प्रक्रियाओं पर निर्भर रहने वाले खनन उद्योग को आज की युवा पीढ़ी नए सिरे से परिभाषित कर रही है:

  • अत्याधुनिक कार्यप्रणाली: कंपनी की इकाइयों में रिमोट ब्लास्टिंग, टेली-रिमोट मशीन संचालन, रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम, ऑटोमेटेड प्रक्रियाएं और डिजिटल कंट्रोल रूम जैसी तकनीकों की कमान युवा संभाल रहे हैं।

  • युवा नेतृत्व: कंपनी में लगभग 10 प्रतिशत नेतृत्वकारी भूमिकाओं पर 35 वर्ष से कम आयु के प्रोफेशनल्स काबिज हैं, जबकि कुल वर्कफोर्स का 62 प्रतिशत से अधिक हिस्सा 35 वर्ष से कम उम्र का है।

इंजीनियरिंग कार्यबल और विविधता के आंकड़े

  • कुल इंजीनियरिंग अधिकारी: कंपनी के कुल 2,685 अधिकारियों में से 1,551 कर्मचारी इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से जुड़े हैं।

  • महिला प्रतिनिधित्व: कंपनी में महिला अधिकारियों की हिस्सेदारी 20.5 प्रतिशत है, जो माइनिंग, मेटलर्जी, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और पर्यावरण इंजीनियरिंग जैसे कोर ऑपरेशंस में सक्रिय हैं। वहीं, कंपनी का कुल लैंगिक विविधता अनुपात 26.3 प्रतिशत है।

  • कैंपस हायरिंग: वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी ने 335 नई कैंपस नियुक्तियां कर तकनीकी प्रतिभाओं की मजबूत नींव तैयार की है।

  • गैर-अधिकारी तकनीकी बल: अधिकारियों के अतिरिक्त 423 से अधिक गैर-अधिकारी कर्मचारी भी माइंस और स्मेल्टर्स में भारी मशीनरी व जटिल इंजीनियरिंग प्रक्रियाओं का संचालन कर रहे हैं।

नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा हिंदुस्तान जिंक के सीईओ एवं पूर्णकालिक निदेशक अमरेंदु प्रकाश ने कहा कि आज का युवा इंजीनियर तेजी से बदलते दौर में जटिल चुनौतियों का समाधान तलाश रहा है। कंपनी का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है जहां तकनीकी क्षमता नवाचार में बदल सके। उन्होंने बताया कि कंपनी बड़े औद्योगिक ढांचे के भीतर स्टार्टअप जैसी कार्य संस्कृति को बढ़ावा दे रही है।

कंपनी की ‘एम्प्लॉयी फर्स्ट’ नीति के तहत महिलाओं को शिफ्ट व कोर ऑपरेशंस में मौके देने के साथ-साथ लचीले कार्य घंटे, स्पाउस हायरिंग, चाइल्ड केयर के लिए एक वर्ष का अवकाश और वेलनेस पहलों को प्राथमिकता दी जा रही है।

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