
उदयपुर। अखिल भारतीय नववर्ष समारोह समिति की वार्षिक बैठक आज आलोक संस्थान, हिरण मगरी में संपन्न हुई। डॉ. प्रदीप कुमावत की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में न केवल संगठन का विस्तार किया गया, बल्कि आगामी 20 मार्च को भारतीय नववर्ष (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा) को एक विशाल जन-उत्सव के रूप में मनाने का संकल्प लिया गया।
नई कार्यकारिणी का गठन: युवाओं और अनुभवी चेहरों का संगम
बैठक में समिति की मजबूती के लिए नई नियुक्तियां की गईं, जिसमें राष्ट्रीय और जिला स्तर पर जिम्मेदारियां सौंपी गईं। इसमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष : जयशंकर राय एवं यशवंत पालीवाल। राष्ट्रीय संयोजक : निश्चय कुमावत (सोशल मीडिया और युवा आउटरीच का जिम्मा)। राष्ट्रीय सह-संयोजक : प्रतीक कुमावत। जिला महामंत्री (उदयपुर) : किशन वाधवानी।
‘म्हारी घूमर’ और सांस्कृतिक गौरव पर जोर

बैठक के दौरान शिवसिंह सोलंकी ने पिछले वर्ष महिलाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए ‘म्हारी घूमर’ जैसे लोक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों को और अधिक भव्य बनाने का सुझाव दिया। वहीं, कमलेंद्र सिंह पंवार ने बताया कि समिति अब राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न प्रांतों में संयोजकों की नियुक्ति कर रही है, जिससे भारतीय नववर्ष को एक वैश्विक पहचान मिल रही है।
समन्वय और जनसंपर्क : 20 मार्च की भव्य तैयारी
डॉ. प्रदीप कुमावत ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में स्पष्ट किया कि इस वर्ष का ‘विक्रमोत्सव’ ऐतिहासिक होगा। इसके लिए नगर निगम उदयपुर और उदयपुर विकास प्राधिकरण (UDA) के साथ मिलकर कार्यक्रमों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
संपर्क अभियान : नववर्ष से पहले पूरे शहर में वातावरण निर्माण के लिए व्यापक जनसंपर्क किया जाएगा।

सोशल मीडिया : युवा वर्ग को अपनी संस्कृति से जोड़ने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का आक्रामक तरीके से उपयोग किया जाएगा।
जिलाध्यक्ष कृष्णकांत कुमावत ने पिछले वर्ष के कार्यों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया और आलोक संस्थान के कार्यकर्ताओं के परिश्रम की सराहना की। बैठक में शशांक टांक, जयपाल सिंह रावत और राजेश भारती जैसे संयोजकों ने भी अपनी आगामी कार्ययोजनाएं साझा कीं।
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