विद्या भवन शिक्षक महाविद्यालय में 6 दिवसीय SUPW शिविर : समाज सेवा और रचनात्मकता का दिखा संगम


उदयपुर। विद्या भवन गोविंदराम सेकसरिया शिक्षक महाविद्यालय में आयोजित 6 दिवसीय ‘समाज उपयोगी उत्पादक कार्य’ (SUPW) शिविर का भव्य समापन हुआ। 11 फरवरी से 16 फरवरी 2026 तक चले इस शिविर में भावी शिक्षकों ने न केवल कौशल सीखा, बल्कि सामाजिक सरोकारों से जुड़कर अपनी जिम्मेदारी भी निभाई।

शिविर का आगाज़ और उद्देश्य

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. फरज़ाना इरफ़ान ने अपने उद्बोधन में SUPW शिविर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक शिक्षक के व्यक्तित्व निर्माण में सामुदायिक सेवा और श्रम का विशेष स्थान है। शिविर समन्वयक डॉ. मालचंद ने छह दिनों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की।

सामाजिक सर्वे और जन-जागरूकता

शिविर के दौरान विद्यार्थियों ने उदयपुर के विभिन्न क्षेत्रों जैसे खारोल कॉलोनी, देवाली, नीमच माता और सहेली नगर में सघन सर्वे किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने समुदाय से सीधा संवाद किया और उन्हें निम्नलिखित ज्वलंत विषयों पर जागरूक किया:

प्लास्टिक मुक्त भारत: प्लास्टिक थैलियों के दुष्प्रभावों की जानकारी दी।

डिजिटल सुरक्षा: बढ़ते साइबर क्राइम से बचने के तरीके बताए।

स्वास्थ्य एवं खेल: खेलों के महत्व और मोबाइल के संतुलित उपयोग की सलाह दी।

यातायात जागरूकता रैली और श्रमदान

विद्यार्थियों ने महाविद्यालय से फतेहसागर तक एक विशाल जागरूकता रैली निकाली। हाथ में स्लोगन और जुबां पर सुरक्षा के नारे लिए भावी शिक्षकों ने आमजन को यातायात नियमों के पालन हेतु प्रेरित किया। इसके अलावा, महाविद्यालय परिसर में श्रमदान के जरिए स्वच्छता का संदेश दिया गया, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में ‘गरिमापूर्ण श्रम’ की भावना विकसित करना था।

प्रदर्शनी और मुख्य अतिथि का दौरा

सर्वे से प्राप्त आंकड़ों को विद्यार्थियों ने चार्ट्स और डायग्राम के माध्यम से प्रदर्शित किया। विद्या भवन के सीईओ श्री राजेंद्र भट्ट ने बतौर मुख्य अतिथि प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए मॉडल्स और सर्वे रिपोर्ट्स की बारीकी से समीक्षा की और उनके नवाचार की सराहना की।

समापन समारोह और सांस्कृतिक छटा

शिविर के समापन सत्र में मुख्य अतिथि डॉ. एमपी शर्मा एवं डॉ. सुषमा तलेसरा उपस्थित रहे, जिनके समक्ष विद्यार्थियों ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। कार्यक्रम का अंतिम पड़ाव बेहद रंगारंग रहा, जहाँ डॉ. पामेला भंडारी के सानिध्य में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन हुआ। विद्यार्थियों ने राजस्थानी और पंजाबी लोक नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। सामाजिक विषयों पर आधारित नाटकों का मंचन किया।

अंत में, सभी प्रतिभागियों और सहयोगियों को धन्यवाद ज्ञापित करने के साथ इस 6 दिवसीय ज्ञानवर्धक शिविर का औपचारिक समापन हुआ।

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