विधानसभा में गूंजी एपस्टीन फाइल : नेता प्रतिपक्ष जूली ने उदयपुर कांड पर सरकार को घेरा…सदन की मर्यादा रख रहा हूं, वरना परतें खुलेंगी

जयपुर। राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को विनियोग विधेयक (Appropriation Bill) पर चर्चा के दौरान सदन का माहौल उस समय गर्मा गया जब नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आक्रामक रुख अपनाते हुए सरकार पर तीखे प्रहार किए। जूली ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित ‘एपस्टीन फाइल’ का जिक्र करते हुए उदयपुर के एक विवादित वीडियोकांड की निष्पक्ष जांच की मांग की।

टीकाराम जूली ने सदन में चेतावनी भरे लहजे में कहा कि उदयपुर मामले की असलियत अभी सामने नहीं आई है, इसका मतलब यह नहीं कि मामला खत्म हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस कांड की परतें कभी भी खुल सकती हैं और कई रसूखदार चेहरे बेनकाब हो सकते हैं। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पार्टी और सरकार के स्तर पर इस मामले की सघन जांच और कार्रवाई में अभी वक्त लग सकता है। फिलहाल, आरोपों के घेरे में आए नेताओं को तात्कालिक तौर पर कुछ राहत मिलती दिखाई दे रही है।

 

जूली ने उदयपुर के एक प्रकरण को लेकर सनसनीखेज आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आरोपी और पीड़िता दोनों भाजपा से जुड़े हैं, इसलिए सरकार कार्रवाई से बच रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा-“एपस्टीन फाइल को छोड़ दीजिए, उससे भी बड़ी फाइल यहां मौजूद है। मैं सदन की मर्यादा रख रहा हूं, वरना एक-एक की परत यहीं खुल जाएगी। अगर आप सच्चाई का साथ देना चाहते हैं तो इस पूरे प्रकरण की जांच करवाइए।”

वीडियो जारी करने का दावा रहा अधूरा : टीकाराम जूली ने मीडिया और सदन के समक्ष उदयपुर मामले से जुड़ा वीडियो जारी करने की बात कही थी। शुक्रवार को जब वे सदन में आए तो वीडियो पेश करने के बजाय उन्होंने इसे ‘एपस्टीन फाइल’ से जोड़ते हुए कहा कि प्रदेश में इससे भी बड़ी फाइलें मौजूद हैं, जो परतें खुलने पर कई चेहरों को बेनकाब कर देंगी।

दिल्ली से हस्तक्षेप का आरोप : जूली ने सनसनीखेज आरोप लगाया कि उदयपुर आईजी को सीधे दिल्ली से निर्देश मिल रहे हैं और जयपुर प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं है। उन्होंने पुलिस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि रात को बिना महिला पुलिस के दबिश दी गई और जब्त साक्ष्यों को अब तक रिकॉर्ड पर नहीं लाया गया।

मुख्यमंत्री की हिम्मत’और बहस पर तंज

मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तावित ‘2 साल बनाम 5 साल’ की बहस पर जूली ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने खुद प्रस्ताव दिया था, लेकिन अब वे इससे मुकर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या पूरे राजस्थान के मुख्यमंत्री को बहस के लिए भी अलग से तैयारी करके आना पड़ेगा?

मोदी की गारंटी और योजनाओं पर हमला

जूली ने शायराना अंदाज में सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि भाजपा ने प्रदेश का “भट्ठा बैठा दिया” है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने जनहित की योजनाओं को बंद न करने का वादा किया था, लेकिन राज्य सरकार ने मोदी की गारंटी का “कबाड़ा” कर दिया है।

 

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