
ट्रंप का बड़ा फैसला : हमलों में 10 दिन की देरी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि वे ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे (Energy Infrastructure) पर होने वाले हमलों को 10 दिनों के लिए टाल रहे हैं। अब ये हमले 6 अप्रैल तक के लिए रोक दिए गए हैं। ट्रंप का दावा है कि ईरान के साथ शांति समझौते को लेकर बातचीत “बहुत अच्छी” चल रही है।
मध्यस्थता की कोशिशें : पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र सक्रिय
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने पुष्टि की है कि इस्लामाबाद, अमेरिका और ईरान के बीच संदेशों के आदान-प्रदान और मध्यस्थता में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इस शांति प्रक्रिया में तुर्की और मिस्र भी सहयोग दे रहे हैं।
मिनाब स्कूल हमला : 175 बच्चों और शिक्षकों की मौत
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के आपातकालीन सत्र में अमेरिका और इज़राइल पर तीखा हमला बोला। दक्षिण ईरान के मिनाब शहर में ‘शजरेह तैयबा’ गर्ल्स एलीमेंट्री स्कूल पर हमले में 175 बच्चों और शिक्षकों की हत्या कर दी गई।
ईरान का पक्ष : इसे “युद्ध अपराध” और “मानवता के खिलाफ अपराध” करार देते हुए ईरान ने कहा कि अमेरिका और इज़राइल जानबूझकर नागरिक बुनियादी ढांचों को निशाना बना रहे हैं।
युद्ध की विभीषिका : आंकड़े और नुकसान
मृतक संख्या : 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान में अब तक कम से कम 1,937 लोग मारे जा चुके हैं।
शैक्षणिक नुकसान : करीब 723 शैक्षणिक संस्थान क्षतिग्रस्त हुए हैं और अब तक 250 छात्रों व शिक्षकों की मौत हो चुकी है।
इंटरनेट ब्लैकआउट : ईरान में पिछले 28 दिनों से लगभग पूर्ण इंटरनेट ब्लैकआउट जारी है।
क्षेत्रीय तनाव और हमले
सऊदी अरब : रियाद की ओर दागी गई 6 बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया गया है।
कुवैत : कुवैत के ‘मुबारक अल कबीर’ पोर्ट और ‘शुवेख पोर्ट’ पर ड्रोन और क्रूज मिसाइलों से हमला हुआ है, जिससे बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचा है।
इजराइल का दावा : इजराइल ने ईरान के यज्द (Yazd) शहर में मिसाइल और समुद्री बारूद बनाने वाले मुख्य केंद्र पर हवाई हमले करने का दावा किया है।
IRGC की चेतावनी : “अमेरिकी ठिकानों से दूर रहें नागरिक”
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने क्षेत्र के नागरिकों को चेतावनी दी है कि वे उन जगहों को तुरंत खाली कर दें जहाँ अमेरिकी सेना तैनात है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह अमेरिकी सेना को जहां भी पाएगा, वहाँ हमला करेगा। यहां तक कि उन होटलों को भी निशाना बनाया जा सकता है जहां अमेरिकी सैनिक ठहरे हुए हैं।
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