
जयपुर/उदयपुर
राजस्थान के आसमान पर छाई ‘काली घटाओं’ ने एक बार फिर खौफनाक मंजर पैदा कर दिया है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के ‘विलेन’ अवतार ने मरुधरा के मिजाज को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया है। 4 अप्रैल की सुबह से ही राज्य के 29 जिलों में ‘खतरे का सायरन’ बज रहा है।
ट्रैजेडी: जयपुर में ‘मौत का अंधड़’
राजधानी जयपुर के लिए शुक्रवार की शाम किसी डरावनी फिल्म के सीन जैसी रही। शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक चले ‘तूफानी’ अंधड़ ने दो परिवारों को ताउम्र का गम दे दिया:
हादसा 1: जवाहर नगर में बाइक सवार रामजीलाल पर बिजली का पोल गिर गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान मुकेश नगर निवासी रामजीलाल महावर (50) के रूप में हुई है।
हादसा 2: जवाहर सर्किल इलाके में तेज हवा के कारण एक भारी ग्रेनाइट पत्थर बुजुर्ग पर गिर गया, जो जानलेवा साबित हुआ।
एक्शन सीन: ओलों की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ और 7 डिग्री की गिरावट
बीकानेर, श्रीगंगानगर और जैसलमेर में हुई ओलावृष्टि ने तपते राजस्थान को अचानक ‘हिल स्टेशन’ बना दिया है। श्रीगंगानगर सहित कई शहरों में पारा 7 से 8 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है, जिससे अप्रैल की शुरुआत में ही लोगों को ‘हल्की ठंडक’ का अहसास होने लगा है।
फ्लैशबैक: रबी की फसलों पर ‘कुदरत का कहर’
खेतों और मंडियों में तबाही का मंजर है। आमतौर पर मार्च के बाद कमजोर पड़ने वाले विक्षोभ इस बार ‘अजेय’ बने हुए हैं। 13 मार्च से अब तक 6 सिस्टम एक्टिव हो चुके हैं, जिसने सरसों, गेहूं और चने की फसलों को बर्बाद कर दिया है। मंडियों में खुले में रखा अनाज भीगने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं।
अगला एपिसोड: अभी ‘पिक्चर’ बाकी है!
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने चेतावनी दी है:
आज (4 अप्रैल): उदयपुर, अजमेर, कोटा, जयपुर और भरतपुर संभाग में तेज आंधी और ओलों का तांडव जारी रहेगा।
5-6 अप्रैल: थोड़ी राहत मिलेगी, लेकिन यह सिर्फ ‘तूफान से पहले की शांति’ हो सकती है।
7 अप्रैल: एक और ‘मजबूत’ सिस्टम एंट्री लेने को तैयार है, जो फिर से तबाही मचा सकता है।
आंकड़ों की जुबानी: 5 साल का रिकॉर्ड टूटा
पिछले 24 घंटों में अजमेर (17.6MM) और झुंझुनूं (12.2MM) में हुई बारिश ने पिछले 5 सालों के अप्रैल महीने के रिकॉर्ड को चुनौती दी है। श्रीगंगानगर में तो तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है।
चेतावनी: राजस्थान के 29 जिलों में ‘आसमानी बिजली’ और ‘तूफान’ का साया है। प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है, क्योंकि मौसम का यह ‘फिल्मी’ मोड़ कभी भी खतरनाक रूप ले सकता है!
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