भारत-नीदरलैंड के बीच रणनीतिक साझेदारी का नया अध्याय: पीएम मोदी और डच प्रधानमंत्री रॉब जेटेन के बीच द्विपक्षीय वार्ता, जानिए इस दौरे की प्रमुख बातें

नई दिल्ली। भारत और नीदरलैंड्स ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक नए और ऐतिहासिक स्तर पर ले जाते हुए ‘रणनीतिक साझेदारी’ (Strategic Partnership) में बदलने का फैसला किया है। नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की द्विपक्षीय वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों देशों के मजबूत होते रिश्तों पर एक महत्वपूर्ण संबोधन दिया।

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पीआईबी (PIB) द्वारा जारी प्रधानमंत्री के संबोधन का मूल पाठ इस प्रकार है:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूरा संबोधन:

“Excellency,

मेरा और मेरे डेलीगेशन का गर्मजोशी से स्वागत के लिए मैं आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। लगभग एक दशक बाद नीदरलैंड की यात्रा करके मुझे बहुत खुशी हो रही है। पिछले एक दशक में भारत-नीदरलैंड पार्टनरशिप ने उल्लेखनीय प्रगति की है।

Excellency,

हम नीदरलैंड को भारत के सबसे महत्वपूर्ण पार्टनर में से मानते हैं। नीदरलैंड भारत के टॉप फाइव इन्वेस्टर्स में से एक है। हमारे हिस्टोरिकल कल्चर और पीपुल टू पीपुल टाइस भी बहुत गहरे हैं। डेमोक्रेटिक वैल्यूस, मार्केट इकोनॉमी और रिस्पांसिबल बिहेवियर, ये हमारी साझी सोच का हिस्सा है।

पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में हमारा सहयोग, हमारे लोगों के जीवन को बेहतर बना रहा है। इसी बढ़ते हुए सहयोग को देखते हुए 2023 में भारत की जी-20 प्रेसिडेंसी के दौरान हमने नीदरलैंड को गेस्ट कंट्री के रूप में आमंत्रित किया था। हमें बहुत खुशी है कि फरवरी में भारत में आयोजित एआई इंपैक्ट समिट में भी नीदरलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री ने भाग लिया था।

Excellency,

भारत विश्व का सबसे युवा देश और विश्व की सबसे तेज गति से बढ़ रही मेजर इकोनॉमी है। आप नीदरलैंड और यूरोपियन लीडरशिप की नई पीढ़ी को रिप्रेजेंट करते हैं। हमें नीदरलैंड की एक्सपर्टीज और भारत की स्पीड और स्केल को हर क्षेत्र में जोड़ना चाहिए।

इनोवेशन, इन्वेस्टमेंट, सस्टेनेबिलिटी और डिफेंस जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नए आयामों तक पहुंचाना है। इसी साझा दृष्टि के साथ आज हम भारत-नीदरलैंड संबंधों को स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के स्तर पर ले जा रहे हैं। एक बार फिर आपके स्वागत के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।”

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भारत-नीदरलैंड्स के बीच रणनीतिक साझेदारी और FTA से नए स्वर्ण युग की शुरुआत: डच CEOs के साथ बैठक में पीएम मोदी का संबोधन

नई दिल्ली/एम्सटर्डम। भारत और यूरोप के आर्थिक संबंधों में वर्ष 2026 एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) और भारत-नीदरलैंड्स की दोस्ती के रणनीतिक साझेदारी में बदलने से व्यापार के एक नए ‘गोल्डन एरा’ की शुरुआत हो चुकी है। नीदरलैंड्स के प्रमुख मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEOs) के साथ आयोजित राउंडटेबल मीटिंग के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डच बिजनेस लीडर्स को भारत में निवेश और नवाचार के लिए आमंत्रित किया।

पीआईबी (PIB) द्वारा जारी प्रधानमंत्री के संबोधन का मूल पाठ इस प्रकार है:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूरा संबोधन:

“Your Excellency Prime Minister रॉब येत्तेन, दोनों देशों के delegates, Netherlands के business leaders,

नमस्कार!

आज यहाँ दुनिया की सबसे innovative कम्पनीस के लीडर्स के बीच होना, मेरे लिए बहुत खुशी की बात है। आज 300 से अधिक Dutch companies इंडिया स्टोरी का हिस्सा हैं। आपके विज़न, और भारत पर confidence के कारण ही, नीदरलैंड यूरोप से भारत का largest इन्वेस्टर, और सेकंड largest ट्रेडिंग पार्टनर बना है।

Friends,

आपकी कम्पनीस भारत में सिर्फ जाने-माने brands ही नहीं, बल्कि भारत-नीदरलैंड मित्रता के brand ambassadors भी हैं। हमे बहुत खुशी है, कि NXP, फिलिप्स और प्रोसस भारत की टैलेंट के साथ world leading सोल्युशंस बना रहें हैं।

APM, डामेन, रॉयल वोपाक जैसी कम्पनीस भारत के पोर्ट, शिपिंग और लोजिस्टिक्स सेक्टर को ट्रान्स्फॉर्म कर रहें हैं। तो कई और ऐग्रिकल्चर और सस्टेनिबिलिटी में भारत के साथ मिलकर दुनिया के लिए एक better फ्यूचर सुनिश्चित कर रहें हैं।

कुछ ही समय पहले, ASML और टाटा के बीच MOU हुआ- अब ASML की इक्विप्मन्ट से भारत में सेमाइकन्डक्टर चिप बनेंगे। आज आप सभी की बातों में भारत के प्रति ऑप्टिमिज़म साफ दिखाई देता है। इस ऑप्टिमिज़म को outcome में बदलना, हमारी गारंटी है।

Friends,

आज का भारत स्केल और stability का प्रतीक है। स्केल की बात करें, तो हम दुनिया की fastest-growing major economy भी हैं और दुनिया का सबसे बड़ा talent pool भी। इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लीन एनर्जी या फिर कनेक्टिविटी- भारत की स्पीड को विश्व मे कोई मैच नहीं कर सकता। इसी कारण पूरे विश्व के ग्रोथ में आज भारत सेवन्टीन परसेंट योगदान दे रहा है।

और स्टेबिलिटी के विषय पर तो, विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रधानमंत्री के रूप मे सेवा करते हुए, आज ही के दिन, मेरे 12 वर्ष पूरे हूएं हैं। इन 12 वर्षों में, continuous reforms से, हमने अपना इकनॉमिक DNA ट्रांसफॉर्म किया है। हमारी दिशा स्पष्ट रही है – प्राइवेट सेक्टर को पॉलिसी प्रेडिक्टबिलिटी देना और उनके लिए अवसर बढ़ाना।

स्पेस, mining या nuclear एनर्जी, हमने हर क्षेत्र को प्राइवेट सेक्टर के लिए खोल दिया है। हम Compliances लगातार कम कर रहें हैं, और Ease of Doing Business बढ़ा रहें हैं। हाल ही में हमने, टैक्सेशन, लेबर कोड, और गवर्नेंस जैसे विषयों में, नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म्स किए। अब भारत में मैन्युफैक्चरिंग करना, बहुत ही cost-effective हो रहा है।

इलेक्ट्रानिक्स जो पहले भारत का बड़ा इम्पोर्ट item था, आज भारत का सबसे बड़ा एक्सपोर्ट item बन गया है। इस मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ को नेक्स्ट लेवल पर ले जाने के लिए हम कई महत्वपूर्ण सेक्टर में इंसेंटिव्स दे रहे हैं। जिसका लाभ उठाकर, आप पूरे विश्व के लिए इंडिया में मैन्युफैक्चर कर सकते हैं।

इसी तरह, सर्विसेज़ सेक्टर में भी, भारत अपने टैलेंट के बल पर- efficiency और इनोवैशन का इंजन बन गया है। विश्व की सभी टेक्नॉलजी कॉम्पनीस ने भारत मे अपनी ग्लोबल कैपबिलटी सेंटर खोली है।

हम आप सभी को भी, भारत मे डिजाइन and इनोवैट करने के लिए आमंत्रित करते है। और इसके लिए आज से बेहतर समय कोई हो नहीं सकता।

Friends,

वर्ष 2026 से भारत और यूरोप संबंधों में एक नए golden era की शुरुआत है। इस वर्ष हमने ऐतिहासिक इंडिया-यूरोपियन यूनियन फ्री ट्रेड अग्रीमन्ट किया। विश्व की दो सबसे बड़ी लोकतान्त्रिक और जिम्मेदार शक्तियों के बीच हुआ यह अग्रीमन्ट, Shared प्रास्पेरिटी का मजबूत आधार बनेगा।

इस FTA के फूल potential को unlock करने के लिए, प्राइम मिनिस्टर येत्तेन और मैं, आज कई महत्वपूर्ण निर्णय लेने जा रहें हैं। हम भारत-नीदरलैंड की इस ट्रस्टेड पार्ट्नर्शिप को एक स्ट्रटीजिक पार्ट्नर्शिप बनाने जा रहे हैं। हम ग्रीन हाइड्रोजेन में एक महत्वाकांक्षी जॉइन्ट रोडमैप लॉन्च करने जा रहे हैं। हम टेक्नॉलजी में हमारे संबंधों को फ्यूचर रेडी बनाने जा रहें हैं।

हम दोनों देशों के बीच, टैलेंट मोबिलिटी, university पार्ट्नर्शिप और जॉइन्ट R&D को भी और सुदृढ़ करने जा रहें हैं। यानी, The future of India-Netherlands partnership is brighter than ever before.

Friends,

भारत और यूरोप के बीच मजबूत हो रहा स्ट्रटीजिक पार्ट्नर्शिप, हमारे बिजनस रिलेशन्स को नई प्रेरणा दे रहा है। इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ना, अब आप के हाथों में हैं। मुझे पूरा विश्वास है, कि अब आप भारत में अपना स्कोप, इनवेस्टमेंट और ऐम्बिशन बढ़ाएंगे। और आपके साथ पूरे यूरोप का इनोवेशन एकोसिस्टम भी भारत आएगा।

Friends,

नीदरलैंड में कहावत है,

“Ships are safe in harbour, but ships are not built to stay in harbour.”

डच बिजनस कम्यूनिटी से बेहतर यह बात कौन समझ सकता है? आपका देश सदियों से नए अवसरों की खोज में आगे बढ़ता रहा है। मैं आपको आश्वासन देता हूँ- भारत में आपकी ये खोज सफल होगी और सार्थक भी। अब आपको भारत में और boldly venture करना है।

बे-डांक्ट।

बहुत-बहुत धन्यवाद।”

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भारत में चिप निर्माण को रफ्तार: पीएम मोदी की उपस्थिति में एएसएमएल और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के बीच ऐतिहासिक समझौता

नई दिल्ली/धोलेरा। भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा में शनिवार को एक बड़ी और ऐतिहासिक कामयाबी मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटन की गरिमामयी उपस्थिति में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और डच बहुराष्ट्रीय कंपनी एएसएमएल (ASML) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता गुजरात के धोलेरा में स्थापित हो रहे भारत के पहले ‘फ्रंट-एंड सेमीकंडक्टर फैब’ को अत्याधुनिक तकनीक और सहयोग प्रदान करने के लिए किया गया है।

दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने इस साझेदारी का गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कदम को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह साझेदारी देश के भीतर एक मजबूत सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित करने की भारत की यात्रा में एक बेहद महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।

क्यों खास है यह साझेदारी?

  • अत्याधुनिक तकनीक का हस्तांतरण: नीदरलैंड की कंपनी एएसएमएल (ASML) दुनिया भर में हाई-प्रिसिजन लिथोग्राफी इक्विपमेंट (उच्च-सटीकता वाले लिथोग्राफी उपकरण) की सबसे प्रमुख सप्लायर है। सेमीकंडक्टर चिप्स के निर्माण में इस तकनीक और मशीनरी की भूमिका सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण और जटिल होती है।

  • टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की बड़ी पहल: टाटा समूह की सहायक कंपनी ‘टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स’ भारत की अग्रणी इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण कंपनी है, जो गुजरात के धोलेरा में देश की पहली अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर निर्माण फैसिलिटी (चिप फैब) स्थापित कर रही है।

  • वैश्विक मंच पर भारत की धमक: इस समझौते के बाद भारत अब उन चुनिंदा देशों की कतार में शामिल होने की ओर मजबूती से बढ़ चला है, जिनके पास चिप निर्माण की कोर टेक्नोलॉजी उपलब्ध है।

इस ऐतिहासिक समझौते से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने नीदरलैंड के प्रमुख मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEOs) के साथ एक राउंडटेबल बैठक भी की थी, जिसमें उन्होंने दोनों देशों के बीच व्यापार और नवाचार के नए ‘स्वर्ण युग’ की शुरुआत की बात कही थी।

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‘विकसित भारत’ के निर्माण में प्रवासी भारतीय बनें ब्रांड एंबेसडर: हेग में भारतीय समुदाय के बीच बोले पीएम मोदी; OCI पात्रता में छूट का ऐलान

हेग/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी नीदरलैंड यात्रा के दौरान हेग में रह रहे प्रवासी भारतीयों और भारत के मित्रों के एक विशाल स्वागत समारोह को संबोधित किया। इस दौरान नीदरलैंड में रह रहे भारतीय समुदाय ने प्रधानमंत्री का अभूतपूर्व और गर्मजोशी से स्वागत किया। पीएम मोदी ने डच समाज में भारतीय प्रवासियों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें दोनों देशों के बीच मित्रता का एक जीवंत सेतु बताया।

पीआईबी (PIB) द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रधानमंत्री के संबोधन और इस कार्यक्रम की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

सूरीनामी-हिंदुस्तानी समुदाय के लिए बड़ा ऐलान

नीदरलैंड, यूरोप में भारतीय मूल के लोगों की सबसे बड़ी आबादी वाले देशों में से एक है, जहां अकेले सूरीनामी-हिंदुस्तानी समुदाय के लगभग 2,00,000 सदस्य रहते हैं। प्रधानमंत्री ने पीढ़ियों से अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोकर रखने के लिए इस समुदाय की सराहना की। इस ऐतिहासिक जुड़ाव को और मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि चौथी पीढ़ी से लेकर छठी पीढ़ी तक के सूरीनामी-हिंदुस्तानी प्रवासी समुदाय के लिए ओसीआई (OCI – ओवरसीज सिटिजनशिप ऑफ इंडिया) पात्रता नियमों में छूट दी गई है।

समकालीन साझेदारी के नए स्तंभ: छात्र, तकनीक और खेल

प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि भारत और नीदरलैंड के संबंध अब आधुनिक और नवाचार-आधारित क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहे हैं:

  • प्रोफेशनल्स और छात्र: प्रौद्योगिकी क्षेत्र में काम कर रहे बड़ी संख्या में भारतीय पेशेवर और डच विश्वविद्यालयों में भारतीय छात्रों की बढ़ती संख्या दोनों देशों के संबंधों को नई मजबूती दे रही है।

  • खेल कूटनीति: क्रिकेट और हॉकी जैसे खेल दोनों देशों के नागरिकों के बीच घनिष्ठ जन-संबंधों (People-to-People ties) को और अधिक बढ़ावा दे रहे हैं।

आर्थिक और व्यापारिक प्रगति

प्रधानमंत्री ने कहा कि नीदरलैंड वर्तमान में यूरोप में भारत के सबसे बड़े निर्यात स्थलों (Export Destinations) में से एक है और देश का प्रमुख निवेश साझेदार है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (India-EU FTA) दोनों पक्षों के व्यापारिक संबंधों के लिए नए द्वार खोलेगा।

2047 तक ‘विकसित भारत’ का संकल्प

प्रधानमंत्री ने देश की प्रगति का खाका प्रस्तुत करते हुए कहा कि भारत आज बुनियादी ढांचे, विनिर्माण (Manufacturing), स्वच्छ ऊर्जा और डिजिटल प्रणालियों में व्यापक प्रगति के माध्यम से एक बड़े परिवर्तनकारी दौर से गुजर रहा है। भारत आत्मविश्वास के साथ आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है और वैश्विक विकास में 17% का योगदान दे रहा है।

उन्होंने विदेशों में रहने वाले प्रत्येक भारतीय को आश्वस्त किया कि भारत सरकार उनके कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। साथ ही, उन्होंने प्रवासियों से नीदरलैंड में प्राप्त अपने अनुभवों का लाभ उठाकर ‘विकसित भारत @2047’ की यात्रा में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

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