कुमावत समाज मुकुंदपुरा : तीन दिवसीय ‘नानी बाई रो मायरा’ कथा की तैयारियां पूरी, आज निकलेगी कलश यात्रा, रविवार को महाप्रसादी

उदयपुर। कुमावत समाज मुकुंदपुरा, चांदपोल की ओर से आयोजित होने वाली तीन दिवसीय ‘नानी बाई रो मायरा’ कथा को लेकर समाज और श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। आयोजन समिति द्वारा कथा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

आयोजन समिति के प्रचार मंत्री कमल कुमावत ने जानकारी देते हुए बताया कि चांदपोल कुमावत समाज मुकुंदपुरा के तत्वावधान में इस तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का भव्य शुभारंभ आज (22 मई, शुक्रवार) से होने जा रहा है। उन्होंने समाज के सभी बंधुओं से इस भव्य आयोजन में सपरिवार सम्मिलित होने की अपील की है।

प्रचार मंत्री कमल कुमावत द्वारा जारी कार्यक्रम और व्यवस्थाओं का विवरण निम्नलिखित है:

कुमावत ने बताया कि कथा के प्रथम दिन आज शुक्रवार को बैंड-बाजे और ढोल-नगाड़ों के साथ श्री चारभुजा मंदिर से दोपहर ठीक 12:15 बजे पोथी और कलश यात्रा प्रारंभ होगी। कलश यात्रा के लिए कलश की व्यवस्था मंदिर परिसर में ही की गई है। उन्होंने सभी समाज बंधुओं से निवेदन किया है कि वे सुबह 11:30 बजे तक मंदिर पर एकत्रित हो जाएं। इसके अलावा, जो श्रद्धालु मंदिर में मुख्य पूजन में जोड़े से बैठना चाहते हैं, वे सुबह 11:00 बजे तक जोड़े सहित मंदिर पहुंचने का कष्ट करें।

कथा में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए समिति द्वारा एक सुंदर ड्रेस कोड (पहनावा) तय किया गया है:

मातृ शक्ति (महिलाएं): पहले दिन ‘पीलिया’, दूसरे दिन ‘लहरिया’ और अंतिम दिन ‘चुंदड़ी’ की पोशाक में नजर आएंगी।

पुरुष: कुर्ता-पायजामा या धोती-जब्बा और पारंपरिक पगड़ी पहनकर कथा में शामिल होंगे।

प्रचार मंत्री ने विशेष रूप से स्पष्ट किया है कि कथा के दौरान भरे जाने वाले मायरे में किसी भी प्रकार के बर्तन या वस्त्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

आयोजन समिति द्वारा समाज के प्रत्येक परिवार तक आमंत्रण पत्र पहुंचाने का पूरा प्रयास किया गया है। फिर भी, यदि भूलवश कोई समाज बंधु निमंत्रण मिलने से वंचित रह गया हो, तो वे इस सूचना को ही व्यक्तिगत निमंत्रण स्वीकार करें।

उन्होंने सभी से आग्रह किया है कि तीन दिवसीय कथा का श्रवण करने के साथ-साथ अंतिम दिवस (रविवार) को आयोजित होने वाली भव्य महाप्रसादी में सायं काल सपरिवार अवश्य पधारें और अपने आस-पड़ोस के समाज बंधुओं को भी सूचित कर अपने साथ लेकर आएं।

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