उदयपुर में मंसूरी समाज का पांचवां प्रतिभा सम्मान समारोह : 71 होनहार विद्यार्थियों और नवनियुक्त युवाओं का हुआ भव्य बहुमान

उदयपुर। अंजुमन फलाहुल मंसूर सोसायटी के तत्वावधान में रविवार (14 जून) को समाज का पांचवां ‘मंसूरी प्रतिभा सम्मान समारोह’ उदयपुर के प्रसिद्ध रवींद्र नाथ टैगोर सभागार (आरएनटी मेडिकल कॉलेज) में गरिमापूर्ण माहौल में आयोजित किया गया। इस गौरवमयी समारोह में समाज की कुल 71 होनहार प्रतिभाओं को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।

विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी श्रीमती खुश्बू शर्मा उपस्थित रहीं। उनके साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में जाने-माने साइकोलॉजिस्ट (मनोवैज्ञानिक) व समाजसेवी डॉ. सिद्दीकी हुसैन, समाजसेवी हाजी जमालुद्दीन कारडर, हाजी आजाद हुसैन मंसूरी, हाजी मोहम्मद यूसुफ मंसूरी और हाजी बाबू हुसैन मंसूरी मंच पर उपस्थित रहे। अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की।

दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे समाजजन; नवनियुक्त युवाओं को भी सराहा

अंजुमन फलाहुल मंसूर सोसायटी के सदर (अध्यक्ष) अब्दुल लतीफ मंसूरी ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रतिभा सम्मान समारोह में उदयपुर शहर सहित आस-पास के दूर-दराज ग्रामीण और अन्य क्षेत्रों से बड़ी संख्या में होनहार छात्र-छात्राएं अपने अभिभावकों के साथ सम्मिलित हुए।

  • प्रतिभाओं का सम्मान: शैक्षणिक सत्र में बेहतरीन अंक हासिल करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर नवाजा गया।

  • रोजगार क्षेत्र में सफलता: इस बार कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण वे युवा रहे, जिन्होंने हाल ही में विभिन्न सरकारी व प्रतिष्ठित गैर-सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां (सरकारी नौकरियां) प्राप्त कर समाज का मान बढ़ाया है। समाज की इन नई मिसालों का भी मंच पर विशेष अभिनंदन किया गया।

महिला, बुजुर्ग और युवाओं की रही भारी भागीदारी

इस गरिमापूर्ण आयोजन को संबल देने और बच्चों का हौसला बढ़ाने के लिए मंसूरी समाज की महिलाओं, प्रबुद्ध बुजुर्गों और युवा वर्ग ने बहुत बड़े पैमाने पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम का सफल और प्रभावी मंच संचालन डॉ. नूर जहां मंसूरी और फिरदौस सना मंसूरी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

समारोह के समापन पर सभी आगंतुकों ने सामूहिक रूप से गौरव के साथ राष्ट्रगान गाया, जिसके बाद कार्यक्रम का औपचारिक समापन हुआ।

About Author

Leave a Reply