प्रथम पुण्यतिथि : स्व. रविश कोटीफोड़ा जैन की मधुर स्मृतियां आज भी सभी के दिलों में हैं जीवंत

उदयपुर। कुछ लोग समय के साथ इस दुनिया से विदा जरूर हो जाते हैं, लेकिन उनका स्नेह, मुस्कान और अपनापन हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहता है। ऐसे ही सहज, सरल और मिलनसार व्यक्तित्व के धनी स्वर्गीय रविश कोटीफोड़ा जैन की प्रथम पुण्यतिथि पर बैंक तिराहा मित्र मंडल, उदयपुर एवं उनके शुभचिंतकों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय रविश कोटीफोड़ा जैन का स्नेहिल व्यक्तित्व, मधुर मुस्कान और आत्मीय व्यवहार आज भी हर मिलने वाले के हृदय में जीवंत है। उनका जीवन केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि मित्रों और समाज के लिए भी प्रेरणा का स्रोत रहा। उनके संस्कार, प्रेम और अपनापन उन्हें जानने वाले हर व्यक्ति की स्मृतियों में हमेशा अमिट रहेंगे।

श्रद्धांजलि संदेश में कहा गया कि “कुछ मुस्कानें समय के साथ धुंधली नहीं पड़तीं, वे यादों के आकाश में सदा उजाला करती रहती हैं।” यही कारण है कि उनके जाने के बाद भी उनकी यादें अपनों के जीवन को भावनात्मक संबल देती रहती हैं।

इस अवसर पर ईश्वर से प्रार्थना की गई कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा उनकी धर्मपत्नी बसंती जी, समस्त कोटीफोड़ा परिवार और परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति, धैर्य एवं संबल प्रदान करें।

श्रद्धांजलि सभा में यह भाव भी व्यक्त किया गया कि व्यक्ति भले ही इस संसार से चला जाए, लेकिन उसके संस्कार, उसका स्नेह और उसकी स्मृतियां कभी समाप्त नहीं होतीं। यही उसकी सच्ची अमरता है।

इस अवसर पर बैंक तिराहा मित्र मंडल, उदयपुर के सदस्यों एवं शुभचिंतकों ने स्वर्गीय रविश कोटीफोड़ा जैन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी और उनके दिखाए जीवन मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

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