
उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत के सवाल पर केंद्र के जवाब से गरमाई सियासत, पूर्व सीएम अशोक गहलोत भी पीएम के सामने उठा चुके हैं मांग
उदयपुर। मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग पर केंद्र सरकार के रुख के बाद राजस्थान में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। पूर्व सांसद एवं उदयपुर देहात जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा ने अपना बयान जारी करते हुए केंद्र और राज्य सरकार पर आदिवासियों तथा स्वतंत्रता सेनानियों के अपमान का गंभीर आरोप लगाया है।
आदिवासियों को बरगलाकर वोट हासिल करना ही भाजपा का मकसद
रघुवीर सिंह मीणा ने कहा कि आदिवासियों और तीन राज्यों (राजस्थान, गुजरात व मध्य प्रदेश) की धार्मिक व सामाजिक आस्था के केंद्र मानगढ़ धाम को लेकर भाजपा सरकार की असली नीयत जनता के सामने आ गई है।
संसद में हुआ खुलासा: उदयपुर के भाजपा सांसद मन्नालाल रावत ने लोकसभा में प्रश्न पूछकर जानना चाहा था कि केंद्र सरकार की मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की क्या योजना है। इसके लिखित जवाब में केंद्र सरकार ने अवगत कराया कि मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की फिलहाल कोई योजना नहीं है।
गहलोत ने पीएम के सामने रखी थी मांग: मीणा ने याद दिलाया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी मानगढ़ धाम यात्रा के दौरान खुद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने इसे राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की पुरजोर मांग रखी थी।
1,500 आदिवासियों की शहादत का अनादर
कांग्रेस नेता ने कहा कि देश की आजादी के संग्राम में मानगढ़ की पावन धरा पर 1,500 आदिवासियों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था।
उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा आदिवासियों की शहादत को अपमानित कर रही है। कांग्रेस पार्टी ने राष्ट्रीय स्तर पर और स्वयं प्रधानमंत्री मोदी के समक्ष हमेशा इसे राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग रखी है। लोकसभा में दिया गया भाजपा सरकार का जवाब उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों की शहादत का सीधा अपमान है।
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