उदयपुर में लोक देवता सगस जी बावजी के प्राकट्य दिवस की धूम : सुबह से लगी दर्शनार्थियों की लंबी कतारें, गूंजे जयकारे

फोटो : कमल कुमावत

मेवाड़ राजपरिवार से जुड़ा है ऐतिहासिक महत्व, सुख-समृद्धि की कामना के लिए उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

उदयपुर। मेवाड़ के प्रसिद्ध लोक देवता सगस जी बावजी के जन्मदिन के अवसर पर शहर सहित पूरे मेवाड़ अंचल में भारी उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला। यहां गुलाबबाग, उदियापोल के पास सगसजी मंदिर में सुबह से ही मुख्य पूजा स्थल पर दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और लोगों ने कतारबद्ध होकर सुख-शांति व समृद्धि की कामना की।


सगसजी मंदिर के मुख्य पुजारी प्रकाश दशोरा ने बताया कि जन्मदिन के उपलक्ष्य में पूजा स्थली पर विशेष सजावट और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। ब्रह्ममुहूर्त से ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई। हाथ में पूजा सामग्री लिए भक्तजन ‘सगस जी बावजी’ के जयकारे लगाते हुए अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। स्थानीय निवासियों और सेवा समितियों द्वारा दर्शनार्थियों की सुविधा व व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए। पुष्पेंद्र जैन (कालू भाई) की ओर से भी मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं के लिए विशेष खाद्य सामग्री और प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई थी।

सगस जी बावजी के प्रति उदयपुर और आसपास के ग्रामीण अंचलों में गहरी आस्था है। कई परिवार पीढ़ियों से इस दिन दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार, महाराणा सुल्तान सिंह के समय से ही इस पूजा स्थली का मेवाड़ राजपरिवार से गहरा जुड़ाव रहा है, जिसके कारण यह स्थान धार्मिक के साथ-साथ ऐतिहासिक दृष्टि से भी अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।

श्रद्धालुओं की मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है। दिनभर चले इस जन्मोत्सव के दौरान पूरा क्षेत्र भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंगा नजर आया।

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