
उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर में रविवार को फिटनेस, सामाजिक सरोकार और खेल भावना का अद्भुत संगम देखने को मिला। हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड द्वारा आयोजित ‘तीसरी वेदांता जिंक सिटी हाफ मैराथन’ ने सहभागिता का नया कीर्तिमान स्थापित किया। इस वर्ष ऑन-ग्राउंड और वर्चुअल माध्यमों से 9,700 से अधिक धावकों ने भाग लिया, जो पिछले संस्करण की तुलना में लगभग 45 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि दर्शाता है। ‘रन फॉर जीरो हंगर’ के संकल्प के साथ आयोजित इस प्रतिष्ठित दौड़ में देश के 27 राज्यों और अमेरिका, स्वीडन, इटली, जापान, इंडोनेशिया व केन्या सहित 6 देशों के धावकों ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई।
फतेहसागर की पाल पर प्रशासनिक व कॉरपोरेट हस्तियों ने दिखाई हरी झंडी
अरावली की वादियों और फतेहसागर झील के किनारे आयोजित इस मैराथन का औपचारिक शुभारंभ विशिष्ट अतिथियों द्वारा किया गया:
प्रमुख अतिथि: उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत, आईजीपी उदयपुर रेंज गौरव श्रीवास्तव, उदयपुर कलक्टर गौरव अग्रवाल, एसपी डॉ. अमृता दुहान, राजसमंद कलक्टर अरुण हसीजा, एसपी हेमंत कलाल, वेदांता समूह के ग्लोबल सीईओ अरुण मिश्रा, हिंदुस्तान जिंक के सीईओ अमरेंदु प्रकाश तथा एनी बडी केन रन (ABCR) के संस्थापक डॉ. मनोज सोनी ने झंडी दिखाकर धावकों को रवाना किया।
मतदाता जागरूकता संदेश: आगामी राजस्थान नगर निकाय चुनावों के मद्देनजर मैराथन के जरिए नागरिकों को मतदान के प्रति जागरूक करने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी निभाने का संदेश भी दिया गया।
मुकेश कुमार और पूजा ने जीती 21 किमी हाफ मैराथन, तेहेंदर और कुमारी पारू 10 किमी में अव्वल
21.097 किमी हाफ मैराथन, 10 किमी और 5 किमी की विभिन्न श्रेणियों में धावकों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया:
21.097 किमी (हाफ मैराथन): पुरुष वर्ग में मुकेश कुमार ने 1 घंटा 8 मिनट 47 सेकंड के शानदार समय के साथ पहला स्थान हासिल किया। महिला वर्ग में पूजा ने 1 घंटा 26 मिनट 9 सेकंड में दौड़ पूरी कर खिताब अपने नाम किया।
10 किमी श्रेणी: पुरुष वर्ग में तेहेंदर 32 मिनट 1 सेकंड के समय के साथ शीर्ष पर रहे, जबकि महिला वर्ग में कुमारी पारू ने 36 मिनट 49 सेकंड के साथ बाजी मारी।
समावेशी भागीदारी: मैराथन में वरिष्ठ नागरिकों, महिला फिटनेस समूहों, दिव्यांग एथलीटों और हिंदुस्तान जिंक की शिक्षा पहल ‘शिक्षा संबल’ के विद्यार्थियों के लिए विशेष चैंपियंस रेस का भी आयोजन हुआ।
99.99% शुद्ध जिंक से निर्मित मेडल बने उपलब्धि का प्रतीक
दौड़ पूरी करने वाले प्रत्येक प्रतिभागी को हिंदुस्तान जिंक द्वारा तैयार 99.99 प्रतिशत शुद्ध जिंक से बना विशेष ‘फिनिशर मेडल’ भेंट किया गया। यह पदक न केवल धावकों की दृढ़ इच्छाशक्ति का सम्मान है, बल्कि उदयपुर की सदियों पुरानी ऐतिहासिक जिंक विरासत और वैश्विक पहचान को भी रेखांकित करता है।
स्पोर्ट्स टूरिज्म और वैश्विक स्तर पर ‘जिंक सिटी’ की नई पहचान
एसोसिएशन ऑफ इंटरनेशनल मैराथन एंड डिस्टेंस रेस (AIMS) से प्रमाणित यह आयोजन अब अंतरराष्ट्रीय खेल कैलेंडर का अहम हिस्सा बन चुका है:
सीईओ का विजन: हिंदुस्तान जिंक के सीईओ अमरेंदु प्रकाश ने कहा कि महज तीन संस्करणों में 9,700 से अधिक धावकों को जोड़ना शहर की सामूहिक ऊर्जा का प्रमाण है। इसका उद्देश्य उदयपुर को देश के सबसे पसंदीदा मैराथन और स्पोर्ट्स टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करना है।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति: देश-विदेश से पहुंचे हजारों धावकों और पर्यटकों की आमद से शहर के होटल, हैंडीक्राफ्ट और पर्यटन उद्योग को भी व्यापक संबल मिला है।
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