उल्लास की वेला, बिन्दोली में खुशियों का मेला
54 दिव्यांग व निर्धन जोड़ों की हल्दी, मेहन्दी की रस्म हुई, आज बंधेंगे विवाह के सूत्र में

उदयपुर। उल्लास से चमकते चेहरे,इंद्रधनुषी रोशनी, बैण्ड दस्तों के मधुर स्वरों में झूमते -नाचते हजारों लोग,शादी के वेष में सजी-धजी – बग्गियों व वाहनों में विराजे नव युगल।
यह दिव्य अवसर था नारायण सेवा संस्थान की ओर से शनिवार शाम 6 बजे नगर निगम प्रांगण से शहर में निकली बिन्दोली का। जिसे संस्थापक कैलाश मानव, प्रशांत अग्रवाल, वंदना अग्रवाल, महेश अग्रवाल, पलक अग्रवाल ने निगम से हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।

संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि बिन्दोली में नाचते-गाते लोगों ने उमंग और उल्लास का ऐसा रंग जमाया कि रह चलता राहगीर भी नवयुगलों को दुआएं देते थिरक उठा। टाउन हॉल प्रांगण से रवाना हुई बिन्दोली सूरजपोल सर्किल, पुराना कंट्रोल रूम, बापूबाजार होते हुए पुनः निगम परिसर पहुँची।
अग्रवाल ने बताया इन जोड़ों का रविवार प्रातः शुभ मुहूर्त में वैदिक मत्रों के बीच सेवामहातीर्थ बड़ी में सामूहिक विवाह संपन्न होगा। संस्थान पिछले 39 विवाहों के माध्यम से 2252 जोड़ों की संपूर्ण पुनर्वास प्रकल्प के तहत गृहस्थी बसाने में सहायक बना है।

बिन्दोली के स्वागत के लिए व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, संगठनों की ओर से स्वागत द्वार, जलपान के काउन्टर लगाए गए थे। प्रातः शुभ मुहूर्त में संस्थान संस्थापक पद्मश्री कैलाश ‘मानव’, कमला देवी अग्रवाल, वंदना अग्रवाल के सानिध्य में गणपति स्थापना व हल्दी रस्म का निर्वाह किया गया। इस दौरान विवाह के पारम्परिक गीतों पर देर तक लोग नाचते रहे।
इस दौरान समाजसेवी प्रेम निजावन दिल्ली, संत कुमार मुम्बई, मुकेश भरत पटेल अमरीका, पारस कटारिया इंदौर, महेश भरूरवा नागपुर,कमलेश द्विवेदी कोलकाता सहित विभिन्न राज्यों से आए अतिथियों व कन्यादानियों का अभिनंदन भी किया गया।
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