
उदयपुर। मेवाड़ की पावन पवित्र धरा, संता री वीरा ,शक्ति और भगति री धरती पे बिराजित ऊंचा डूगर दरा में बाबा भोलेनाथ श्री झामेश्वर महादेव मंदिर परिसर में समस्त राजपूत समाज द्वारा भव्य एव विशाल श्री राजपूत क्षत्रिय धर्मशाला का नवनिर्माण किया गया जिसकी प्रतिष्ठा का कार्यकम 5 मई 2024 को हुआ जिसमे हजारों की सख्या में आस पास क्षेत्र एव समस्त गिर्वा चोखला उदयपुर के सभी गांव एव आस पास क्षेत्र के सदस्य एव समाज सेवी ,भामाशाह का स्वागत सम्मान किया गया , इस कार्यकम में मुख्य अतिथि श्री बालू सिंह कानावत , केन्दीय अध्यक्ष मेवाड क्षत्रिय महासभा, महाराज श्री रणधीर सिंह भींडर, श्री भवर सिंह पवार , प्रोफेसर श्री शिव सिंह सार्गदेवोत, लाल सिंह देवड़ा , फतह सिंह देवड़ा , भरतभान सिंह डबोक , ठा, देवेंद्र सिंह मटून, भभूत सिंह तितरडी, तख्त सिंह शक्तावत आदि समाज के पदाधिकारी मौजूद थे , विशाल धर्मशाला का भव निर्माण एव विशाल बड़ा चोक, लाइट ,पानी एव सोचालय की पूरी वेवस्थां की गई जिसने लग भग 2000 हजार से 3000 हजार तक भग्तो का भोजन प्रसादी का आयोजन हो सकता हे , रात्रि में आने वाले भग्त रात्रि विश्राम कर सकते हे एव सामने की ओर पार्किंग की व्यवस्था की गई , इस कार्य को पूरा होने में 1 वर्ष पूरा लगा , धर्मशाला सेवा समिति के शिवदान सिंह देवड़ा , ओनार सिंह देवड़ा, किशन सिंह , प्रेम सिंह , शंभू सिंह ,प्रताप सिंह, लक्ष्मण सिंह
नाहर सिंह , नजर सिंह , इन सभी के निर्देश में यह निर्माण कार्य पूरा हुआ , एव विशाल कार्यकम में संतो का भी भावभरा आगमन हुआ साजपुत समाज की मात्र शक्ति ने भी चढ़ बड़ धर्मशाला के इस विशाल आयोजन में पधारे , एव समस्त समाज सेवी व भामाशाह का सम्मान किया गया , इस पूरे कार्यक्रम के मंच संचालक शुरवीर सिंह कोटड़ा ने किया।
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