उदयपुर। महाराणा भोपाल अस्पताल एनएबीएच एक्रीडिटेशन के बाद लगातार प्रगति की ओर अग्रसर है। ईएनटी विभाग द्वारा शुक्रवार को दक्षिणी राजस्थान में पहली बार माइक्रोटिया की सफल सर्जरी की गई। यह जानकारी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आरएन सुमन ने साझा की। एमबी अस्पताल में इस तरह उच्च क्वालिटी का इलाज मिलने लगा तो मरीजों को जीबीएच जनरल, अमेरिकन हॉस्पिटल, पारस जैसे हॉस्पिटल जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
ईएनटी विभाग के डॉ. नवनीत माथुर के नेतृत्व में डॉ. रेखा चौधरी, डॉ. कपिल सोनी की टीम द्वारा सागवाड़ा निवासी 15 वर्षीय बालिका जिसको की माइक्रोटीया जन्मजात विकृति थी, की निशुल्क सफल सर्जरी की गई। माइक्रोटिया एक जन्मजात विकृति है जिसमें कान की साइज एंड शेप डिफेक्टिव होती है। यह कोई विकलांगता नहीं परंतु कॉस्मेटिक प्रॉब्लम जरूर है। 10000 बच्चों में से एक से दो बच्चों को यह विकृति हो सकती है।
गर्भावस्था के दौरान प्रथम तीन माह में भ्रूण में खराबी आने के कारण से यह विकृति होती है। अनुवांशिक या कोई सुनिश्चित कारण अभी तक ज्ञात नहीं है। ज्यादातर दाएं कान में लड़कों को यह दिक्कत होती है। कभी-कभी लड़के और लड़कियां और दोनों कान में भी हो सकती है। इस दिक्कत वाले मरीजों को सुनने में कोई तकलीफ नहीं होती।
भारत में बड़े शहरों में यह सर्जरी पिछले कुछ सालों से की जाती है, परंतु इसकी कीमत करीब 4 से 5 लख रुपए होती है। राजस्थान में एम्स में कुछ केसेस जरूर किए गए, इसके अलावा दक्षिणी राजस्थान में यह पहली बार महाराणा भूपाल अस्पताल में संपादित की गई। आवश्यक साधन अस्पताल द्वारा जुटाए गए और मरीज की निशुल्क सर्जरी की गई। आगे भी राजस्थान वासियों के लिए मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना के तहत निशुल्क की जाएगी।
अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आरएल सुमन ने बताया की ईएनटी विभाग में विभिन्न सर्जरी संपादित की जाती है परंतु पिछले 2 साल से बहरापन की सर्जरी के लिए कोकलीयर इंप्लांट सर्जरी सफलतापूर्वक की जा रही है और अब यह माइक्रोटीया सर्जरी एक अगला पायदान रखा जा रहा है। संभाग के मरीज महाराणा भूपाल अस्पताल में आकर यह सर्जरी निशुल्क करवा सकते हैं।
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