फोटो : कमल कुमावत

उदयपुर। भगवान जगन्नाथ यात्रा की जितनी धूम पुरी में होती है, उतनी ही खुशहाली उदयपुर में रहती है। रविवार को जब ठाकुरजी उदयपुर नगर भ्रमण पर निकले तो मौसम भी खुशनुमा हुआ और शहर का माहौल भी खुशहाल दिखाई दिया। नगर भ्रमण के दौरान हर चेहरे पर खुशी का माहौल था। महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग, युवाओं चेहरे खिले थे। पूरे मार्ग में आस्था की बयार बही। लोग झूम उठे और नाचने गाने लगे।
इस खास मौके पर मेवाड़ के पूर्व राजघराने के सदस्यों ने शिरकत की। इसमें नाथद्वारा के विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़, डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ व परिवार के अन्य सदस्यों ने भगवान के दर्शन किए।

इस खास मौके पर भगवान जगन्नाथ (ठाकुरजी) को 21 बंदूकों की सलामी दी गई।ठाकुर जी 80 किलो चांदी के रथ पर सवार हुए।
पुरी की तर्ज पर उदयपुर के 400 साल पुराने मंदिर से भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली गई। रथयात्रा के साथ शहर के अलग-अलग इलाकों से आई शोभायात्राएं भी चली।
भक्त भक्तिमय गानों पर झूमते नजर आ रहे हैं। रथ यात्रा में भगवान जगन्नाथ स्वामी, माता महालक्ष्मी, दानी रायजी की श्रृंगारित मनमोहन प्रतिमाएं राजसी वस्त्र धारण किए हुए थे। वहीं भगवान चांदी के रथ में सवार होकर भक्तों को दर्शन देते हुए चल रहे थे।

जगन्नाथ रथ यात्रा न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह त्योहार भारतीय संस्कृति और धार्मिकता का एक जीवंत उदाहरण है, जिसमें आस्था, भक्ति और समर्पण का संगम देखने को मिलता है।
जगन्नाथ रथ यात्रा एक ऐसा अवसर है, जिसमें ईश्वर और मानवता का मिलन होता है, जहां भक्तगण अपनी आस्था और श्रद्धा के साथ भगवान जगन्नाथ के दर्शन करते हैं और उनके आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
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