उदयपुर : नौकरी के नाम पर ‘रसूख’ का खेल, बीजेपी नेता व पूर्व पार्षद पर रेप का केस दर्ज

उदयपुर। राजस्थान के उदयपुर में सत्ताधारी दल के एक रसूखदार नेता पर लगे संगीन आरोपों ने शहर के राजनीतिक पारे को गरमा दिया है। भाजपा के पूर्व पार्षद राकेश पोरवाल के खिलाफ एक युवती ने नौकरी दिलाने के नाम पर यौन शोषण करने का मामला दर्ज कराया है। इस घटना के बाद से ही आरोपी नेता फरार बताया जा रहा है।

पीड़िता ने उदयपुर के हिरण मगरी थाने में आपबीती सुनाते हुए बताया कि राकेश पोरवाल ने अपने ऊंचे राजनीतिक संपर्कों का हवाला देकर उसे सरकारी या अच्छी निजी नौकरी लगवाने का लालच दिया था। रिपोर्ट के अनुसार नौकरी दिलाने के बहाने आरोपी ने युवती को कई बार एकांत में बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया।

धमकी : विरोध करने पर आरोपी ने अपने रसूख का डर दिखाया और किसी को भी बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।

सच्चाई का खुलासा : जब कई महीनों बाद भी युवती को रोजगार नहीं मिला, तब उसे ठगे जाने और शोषण का एहसास हुआ, जिसके बाद उसने कानून की शरण लेने का फैसला किया।

पुलिस एक्शन : जांच के घेरे में ‘माननीय’

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी योगेश गोयल ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

मेडिकल और बयान : पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करवा लिया है और मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

डीएसपी को कमान : मामले की निष्पक्ष जांच के लिए डीएसपी सूर्यवीर सिंह राठौड़ को अनुसंधान अधिकारी (IO) नियुक्त किया गया है।

संदिग्ध फरार : एफआईआर दर्ज होने की भनक लगते ही आरोपी राकेश पोरवाल का मोबाइल स्विच ऑफ हो गया है। पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

राजनीतिक गलियारों में मची खलबली

चूंकि आरोपी भाजपा का पूर्व पार्षद और सक्रिय नेता है, इसलिए इस मामले ने सियासी रंग लेना शुरू कर दिया है। शहर में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या पुलिस राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर कार्रवाई कर पाएगी? हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

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