उदयपुर में ध्वस्त होती कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर उठते सवालों के बीच एक पाठक का एसपी डॉ. अमृता दुहन को खुला पत्र

विषय : उदयपुर में बेखौफ अपराध, लचर कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा के गिरते स्तर के संबंध में।

आदरणीय पुलिस अधीक्षक महोदय (डॉ. अमृता दुहन),

सविनय निवेदन है कि यह पत्र आपका ध्यान उदयपुर शहर में तेजी से बिगड़ती कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर मंडराते गंभीर संकट की ओर आकर्षित करने हेतु लिखा जा रहा है।

हाल ही में राज्य सरकार एवं पुलिस प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे ‘महिला सुरक्षा संकल्प अभियान’ और मुख्यमंत्री महोदय द्वारा उदयपुर में ‘नारी शक्ति रैली’ को दी गई हरी झंडी के बाद शहरवासियों में सुरक्षा की एक नई उम्मीद जगी थी। परंतु, शुक्रवार शाम प्रतापनगर थाना क्षेत्र के कपिल विहार में जिस प्रकार बेखौफ बदमाशों ने खुलेआम उपद्रव मचाते हुए 50 वर्षीय महिला उर्मिला कुंवर को स्कॉर्पियो से कुचलकर मौत के घाट उतारा, उसने सुरक्षा के सभी दावों की पोल खोलकर रख दी है।

एक महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व वाले जिले में तीन गाड़ियों के काफिले के साथ आकर उपद्रव मचाना और एक महिला की हत्या कर आसानी से फरार हो जाना निम्नलिखित गंभीर सवाल खड़े करता है:

इंटेलिजेंस एवं प्रिवेंटिव पुलिसिंग की विफलता: हथियारबंद बदमाशों का काफिला घनी आबादी वाली कॉलोनी में दाखिल होकर तांडव मचाता है और स्थानीय पुलिस तथा गश्त टीम को इसकी भनक तक नहीं लगती।

अपराधियों में खौफ का अभाव : शहर में पुलिस का इकबाल समाप्त होता दिख रहा है, जिससे बेखौफ अपराधी कॉलोनियों में घुसकर हत्या जैसी जघन्य वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।

जनता में अविश्वास : रैलियों और अभियानों के बावजूद जब महिलाएं अपने घर के बाहर भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आमजन का पुलिस प्रशासन से भरोसा उठने लगा है।

अतः आपसे विनम्र आग्रह है कि केवल आयोजनों और रैलियों तक अभियानों को सीमित न रखकर जमीनी स्तर पर सख्त पुलिसिंग लागू की जाए। कपिल विहार हत्याकांड के सभी दोषियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी हो तथा शहर में गश्त बढ़ाकर अपराधियों के मन में कड़ा कानून का भय स्थापित किया जाए, ताकि उदयपुर की बहन-बेटियां और आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।

भवदीय,

[उदयपुर का जागरूक पाठक]

उदयपुर, राजस्थान

 

हबीब की रिपोर्ट डॉट कॉम

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