
सलूंबर/उदयपुर।
राजस्थान के नवगठित जिले सलूंबर के लसाड़िया ब्लॉक में पिछले पांच दिनों के भीतर एक अज्ञात बीमारी ने भारी तबाही मचाई है। घाटा और लालपुरा गांवों में उल्टी-दस्त और तेज बुखार के कारण पांच नाबालिग बच्चों की मौत हो गई है। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
जानकारी के अनुसार, मौत का यह सिलसिला 1 अप्रैल से शुरू हुआ था। मृतकों में दीपक मीणा (4), सीमा (4), लक्ष्मण मीणा (4), काजल मीणा (2) और राहुल मीणा (4) शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इन बच्चों को अचानक तेज बुखार आया, जिसके बाद उन्हें ऐंठन और उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। कुछ बच्चों ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया, तो कुछ की मौत इलाज के दौरान उदयपुर और प्रतापगढ़ के अस्पतालों में हुई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सलूंबर जिला कलेक्टर मोहम्मद जुनैद पीपी और एसडीएम दिनेश आचार्य ने सोमवार को प्रभावित गांवों का दौरा किया। कलेक्टर ने स्थिति का जायजा लेते हुए चिकित्सा विभाग को सख्त निर्देश दिए हैं कि क्षेत्र में सघन सर्वे किया जाए और हर घर की स्वास्थ्य रिपोर्ट तैयार की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीमार बच्चों को तुरंत उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
वर्तमान में बीसीएमओ डॉ. सिंटू कुमावत के नेतृत्व में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की टीमें गांव में मौजूद हैं। चिकित्सा दल ‘डोर-टू-डोर’ सर्वे कर रहा है और बच्चों के ब्लड सैम्पल लिए जा रहे हैं ताकि संक्रमण के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह मौसमी संक्रमण है, दूषित पानी का असर है या कोई अन्य घातक वायरस।
लगातार हो रही मौतों से ग्रामीणों में भय का माहौल है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, बल्कि सावधानी बरतें। ग्रामीणों को पानी उबालकर पीने और बच्चों में बुखार या उल्टी के लक्षण दिखते ही तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
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