वरड़ा में 8 दिवसीय प्रस्तर शिल्प कार्यशाला : एमएलएसयू कुलपति प्रो. मिश्रा बोली-कला कौशल निखार कर ऑलराउंडर बने विद्यार्थी

 


उदयपुर। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो सुनिता. मिश्रा ने कहा है कि वर्तमान युग में विद्यार्थियों को शैक्षिक ज्ञान से समृद्ध करने के साथ-साथ कला के क्षेत्र में कौशल निखारकर ऑल राउंडर बनाने की जरूरत है ताकि वह बड़ा होकर अपने लिए उपयुक्त कॅरियर का चयन कर सके।  

प्रो. मिश्रा शनिवार को उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र पटियाला द्वारा कश्ती फाउंडेशन और टीम एन एफर्ट के साझे में शहर के समीपस्थ राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय वरड़ा में चल रही विशेष प्रस्तर शिल्प कार्यशाला के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रही थी।


इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आत्मनिर्भर भारत निर्माण के लिए संजोया गया संकल्प तभी मूर्त रूप लेगा जब हर गांव-कस्बे के विद्यालयों में इस प्रकार से कला-कौशल निखारने की कार्यशालाओं का आयोजन हो। उन्होंने जनजाति अंचल के विद्यालयों में छिपी कला प्रतिभाओं को उचित मंच देकर निखारने के उद्देश्य से आयोजित इस प्रकार की कार्यशालाओं के आयोजन की सराहना की और आयोजकों व कलाकारों को इसे अनवरत जारी रखने का आह्वान किया। उन्होंने इस कार्य में विश्वविद्यालय द्वारा भी उचित सहयोग दिए जाने का भी आश्वासन दिया।
  बतौर विशिष्ट अतिथि विश्वविद्यालय के एफएमएस प्रभाग की निदेशक प्रो. मीरा माथुर और कश्ती फाउंडेशन की राधिका अग्रवाल ने इस कार्यशाला में प्रशिक्षकों द्वारा दिए गए प्रशिक्षण व विद्यार्थियों द्वारा तैयार कलाकृतियों की सराहना की तथा इसे सृजनात्मक गतिविधि का अतुलनीय उदाहरण बताया।


इस मौके पर कार्यशाला संयोजक व राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय वरड़ा के सृजनधर्मी शिक्षक व प्रस्तर शिल्पकार हेमंत जोशी ने अपने संबोधन में बताया कि उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र पटियाला के निदेशक फुरकान खान द्वारा अरावली पहाड़ियों की तलहटी में स्थित विद्यालय में इस 8 दिवसीय कार्यशाला के आयोजन की स्वीकृति दी गई थी। इस कार्यशाला में इन दिनों विद्यार्थियों को कला-विशेषज्ञों व शिल्पकारों द्वारा प्रस्तर शिल्पकला की बारीकियों से रूबरू करवाया गया वहीं मार्बल व ग्रेनाईट के स्क्रेप से 5 कलाकृतियों का भी निर्माण किया गया।  
इस दौरान अतिथियों ने कैनवास पर कलाकृति उकेर कर तथा प्रदर्शनी का फीता काटकर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उद्घाटन दौरान कला प्रशिक्षक सुनील भट्ट, नीलोफर मुनीर व अन्य कलाकारों ने विद्यार्थियों को दिए गए प्रशिक्षण और इसके माध्यम से तैयार की गई कलाकृतियों की जानकारी दी और अतिथियों से कला प्रदर्शनी का अवलोकन करवाया। समारोह में गजल-गीतकार कपिल पालीवाल ने अपनी सनातनी प्रस्तुतियों के माध्यम से मौजूद अतिथियों, कलाकारों व विद्यार्थियों का मन मोह लिया। इस दौरान चित्रकार डॉ. चित्रसेन, कमलेश डांगी, शिवांगी देवड़ा, केनी सेन, अमित सोलंकी, कबीर मेघवाल, किशन सेन, राहुल रावतवाल, शिवा रावलवाल आदि ने चारकोल द्वारा तैयार कलाकृतियों को प्रस्तुत किया। विद्यालय के प्राचार्य मनोहर लाल सुथार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए इस आठ दिवसीय कार्यशाला के अनुभवों को उजागर किया। कार्यशाला का संचालन कबीर मेघवाल ने किया।

विद्यालय देख अभिभूत हुई कुलपति:
समारोह उपरांत मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. सुनीता मिश्रा ने विद्यालय का अवलोकन किया। इस दौरान उन्हें विद्यालय में आकर्षक ढंग से तैयार किए गए हेरिटेज लुक वाले आकर्षक कक्षा कक्षों और कंटेनर में तैयार की गई डिजिटल लाइब्रेरी के बारे में विद्यालय के सृजनधर्मी शिक्षक हेमंत जोशी ने जानकारी दी। उन्होंने इस ग्रामीण अंचल में इस प्रकार के प्रयासों की सराहना भी की।

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