अंजुमन तालीमुल इस्लाम, उदयपुर की जानिब से ख्वातीन के इख़्तियार  व तरक़्क़ी  के लिए अहम पहल

उदयपुर। अंजुमन तालीमुल इस्लाम, उदयपुर के तहत ख्वातीन (महिलाओं) के लिए क़ायम (स्थापित) किए गए विंग “अंजुमन रिफअतुन निसा” की दूसरी नशिस्त (बैठक) कामयाबी (सफलता) के साथ मुनअक़िद (आयोजित) हुई। यह कमेटी खास तौर पर मुस्लिम ख्वातीन (महिलाओं) की शिरकत (भागीदारी) और उनके इख़्तियार (सशक्तिकरण) को मद्देनज़र (ध्यान में रखते हुए) रखते हुए तश्कील (गठन) दी गई है, जिसमें मुआशरे (समाज) की तालीमयाफ्ता (शिक्षित) और हुनरमंद ख्वातीन (महिलाओं) ने बड़े जोशो-ख़रोश (उत्साह) के साथ हिस्सा लिया।

इस नशिस्त (बैठक) का बुनियादी (मुख्य) मक़सद (उद्देश्य) मुआशरे (समाज) की बासलाहियत (प्रतिभाशाली) ख्वातीन (महिलाओं) को एक मज़बूत प्लेटफॉर्म (मंच) फराहम (प्रदान) करना, उनके हुनर (कौशल) को निखारना और उन्हें खुदमुख्तार (आत्मनिर्भर) बनाने की राह में मुअस्सर (ठोस) इक़दामात (कदम) करना रहा।

इस मौके पर अंजुमन के सदर (अध्यक्ष) मुख्तार कुरैशी, नायब सदर (उपाध्यक्ष) फारूक कुरैशी, सेक्रेट्री (सचिव) एडवोकेट मुस्तफा शेख, जॉइंट सेक्रेट्री (संयुक्त सचिव) इज़हार हुसैन, कमेटी कोऑर्डिनेटर (समन्वयक) मोहम्मद अनीस अब्बासी, को-कोऑर्डिनेटर (सह-समन्वयक) इकरा फातिमा, एडवोकेट रुबीना समेत अंजुमन के दीगर (अन्य) ओहदेदारान (पदाधिकारी) और महिला विंग की अराकीन (सदस्याएं) मौजूद रहीं।

इसी सिलसिले (क्रम) में हुनरमंदी (कौशल विकास) को फरोग (बढ़ावा) देने के लिए “मेहंदी आर्ट समर कैंप” के इनइक़ाद (आयोजन) का ऐलान (घोषणा) किया गया है। इस कैंप की रहनुमाई (संचालन) तजुर्बाकार (अनुभवी) मेहंदी आर्टिस्ट खुशनूर शेख करेंगी, जिन्हें इस फन (कला) में 10 से 15 साल का वसीअ (व्यापक) तजुर्बा (अनुभव) हासिल है।

📅 मुमकिना (संभावित) तारीख़: 15 अप्रैल 2026


💰 रजिस्ट्रेशन (पंजीकरण) फीस: ₹500


📚 मुद्दत (अवधि): 45 दिन


🚐 सहूलत (सुविधा): शिरकत (भाग लेने वाली) ख्वातीन (महिलाओं) के लिए पिक एंड ड्रॉप का इंतज़ाम (व्यवस्था)


🏫 मुकाम (स्थान): अंजुमन स्कूल हॉल, अंजुमन चौक, उदयपुर

अंजुमन तालीमुल इस्लाम की जानिब (ओर) से तमाम मज़हब (धर्म) व तबक़ात (वर्गों) की ख्वातीन (महिलाओं) और बच्चियों से गुज़ारिश (अपील) की गई है कि इस बेहतरीन (उत्तम) मौके से ज़्यादा से ज़्यादा फायदा (लाभ) उठाएं।

इदारे (संस्था) की तरफ़ से यह भी वाज़ेह (स्पष्ट) किया गया कि आने वाले वक़्त (समय) में तलबा (विद्यार्थियों), वालिदैन (अभिभावकों), मुलाज़िम (कार्यरत) पेशेवर अफ़राद (व्यक्तियों), घरेलों (गृहिणियों) और तिजारती (व्यापारिक) तबक़े के लिए मुख्तलिफ (विभिन्न) हुनरमंदी (कौशल विकास) और तालीमी (शैक्षिक) प्रोग्राम्स (कार्यक्रम) मुसलसल (निरंतर) मुनअक़िद (आयोजित) किए जाएंगे, ताकि मुआशरे (समाज) के हर तबक़े (वर्ग) को तरक़्क़ी (प्रगति) के बराबर मौके फराहम (प्राप्त) हो सकें।

📞 मजीद (अधिक) मालूमात (जानकारी) और रजिस्ट्रेशन (पंजीकरण) के लिए राब्ता (संपर्क) करें: 9983378600

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