राजसमन्द में एसीबी की कार्रवाई : नामांतरण खोलने की एवज में रिश्वत लेता पटवारी राहुल कुमार शर्मा गिरफ्तार, टॉयलेट की सीट में फेंके पैसे

राजसमन्द। राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो इंटेलिजेंस यूनिट उदयपुर ने राजसमन्द में कार्रवाई करते हुए पटवारी राहुल कुमार शर्मा को 4,000/- (चार हजार) रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी राहुल कुमार शर्मा पटवार हल्का सेमा में तैनात है और उसके पास तहसील खमनोर जिला राजसमन्द के बड़ा भाणुजा का अतिरिक्त चार्ज भी है।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की इंटेलिजेंस यूनिट उदयपुर को परिवादी द्वारा एक शिकायत दी गई थी। परिवादी ने 1 मई 2026 को शिकायत पेश कर बताया था कि दानगृहिता भूमि की रजिस्ट्री करवाने के पश्चात उसका नामांतरण (म्यूटेशन) खोलने की एवज में पटवारी द्वारा 7,000 रुपये की रिश्वत राशि मांगी जा रही है।

शिकायत मिलने के बाद एसीबी टीम ने मांग का सत्यापन करवाया। सत्यापन के दौरान ही आरोपी राहुल कुमार शर्मा ने परिवादी से 1,000 रुपये की रिश्वत राशि पहले ही ग्रहण कर ली थी।

ट्रैप की कार्रवाई की जा रही थी, तब आरोपी राहुल कुमार शर्मा ने परिवादी से जैसे ही शेष 4,000 रुपये की रिश्वत राशि ली, उसे एसीबी टीम के आने की भनक लग गई। घबराहट में आरोपी ने रिश्वत के पैसों को छुपाने के लिए अपने सरकारी निवास में बने टॉयलेट की डब्ल्यूसी (कमोड) में डाल दिया। हालांकि, बाद में एसीबी की टीम ने आरोपी की निशादेही पर टॉयलेट की सीट से रिश्वत की राशि को सकुशल बरामद कर लिया।

यह पूरी कार्रवाई डॉ. रामेश्वर सिंह (उप महानिरीक्षक पुलिस, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) के सुपरविजन में की गई। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो इंटेलिजेंस यूनिट उदयपुर की प्रभारी डॉ. सोनू शेखावत के नेतृत्व में आज पुलिस निरीक्षक राजेंद्र सिंह और उनकी टीम ने जाल बिछाकर आरोपी राहुल कुमार शर्मा (पुत्र ओमप्रकाश शर्मा) को रंगे हाथों दबोच लिया।

फिलहाल आरोपी राहुल कुमार शर्मा से पूछताछ और मामले की अग्रिम कार्रवाई जारी है। एसीबी द्वारा इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (यथा संशोधित 1988) की धारा 7 के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर आगे का अनुसंधान किया जाएगा।

About Author

Leave a Reply