
उदयपुर। पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया शनिवार को अपने दो दिवसीय दौरे पर उदयपुर पहुँचे। डबोक एयरपोर्ट पर उनके आगमन के दौरान इस बार वीआईपी कल्चर की जगह अनूठी सादगी देखने को मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने और फिजूलखर्ची रोकने की अपील का सम्मान करते हुए राज्यपाल ने अपने काफिले को बेहद सीमित रखा। अमूमन किसी भी वीआईपी मूवमेंट या राज्यपाल के कारकेड (काफिले) में फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस सहित करीब 14 गाड़ियाँ शामिल रहती हैं, लेकिन कटारिया के काफिले में इस बार मात्र 4 गाड़ियाँ ही नजर आईं।
दरअसल, राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने उदयपुर आने से पहले ही स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं को साफ संदेश भिजवा दिया था। उन्होंने सख्त हिदायत दी थी कि उनके स्वागत के लिए एयरपोर्ट पर भारी संख्या में लोग इकट्ठा न हों और न ही गाड़ियों का लंबा काफिला लेकर आएँ। इस फैसले के पीछे का मुख्य उद्देश्य ईंधन की बचत करना, फिजूलखर्ची रोकना और काफिले की वजह से आम जनता को होने वाली परेशानी से बचाना था।
एयरपोर्ट पर बेहद सीमित संख्या में मौजूद नेताओं ने उनकी अगवानी की। इस दौरान कैबिनेट मंत्री गौतम दक, उदयपुर ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा और भाजपा नेता अतुल चंडालिया ने बुके भेंट कर राज्यपाल का आत्मीय स्वागत किया।
चित्तौड़गढ़ दौरा: शनिवार दोपहर को राज्यपाल कटारिया सड़क मार्ग से चित्तौड़गढ़ के लिए रवाना हुए, जहाँ के कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद वे देर शाम तक पुनः उदयपुर लौट आए।
जनसुनवाई: तय कार्यक्रम के अनुसार, राज्यपाल कटारिया आज (रविवार) सुबह 10 बजे उदयपुर सर्किट हाउस में आम जनता से मुलाकात करेंगे और जनसुनवाई के माध्यम से लोगों की समस्याएँ सुनेंगे।
चंडीगढ़ रवानगी: उदयपुर का दो दिवसीय दौरा संपन्न कर राज्यपाल कटारिया सोमवार सुबह वापस चंडीगढ़ के लिए प्रस्थान करेंगे।
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