
स्रोत : दिनेश गुप्ता एडवोकेट पूर्व पार्षद
उदयपुर। शहर के प्रतिष्ठित डीपीएस (DPS) स्कूल के आसपास का क्षेत्र इन दिनों प्रशासनिक अनदेखी के कारण डंपिंग यार्ड में तब्दील होता जा रहा है। स्कूल के चारों तरफ भारी मात्रा में बिखरे कचरे और गंदगी को लेकर स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश है।
‘सद्भावना सेवा फाउंडेशन’ ने इस गंभीर मुद्दे पर ध्यानाकर्षण करते हुए बताया कि स्कूल के महज 500 मीटर के दायरे में करीब 25 ऐसे ‘टोटल स्पॉट’ (कचरा पॉइंट) बन चुके हैं, जहां गंदगी का अंबार लगा हुआ है।
बेजुबान जानवरों के स्वास्थ्य पर संकट, राहगीरों का निकलना दूभर
फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने क्षेत्र की बदहाली पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए मुख्य समस्याओं को रेखांकित किया है:
पशु-पक्षियों के जीवन से खिलवाड़: स्कूल के आसपास फैले इस 25 कचरा पॉइंट्स पर दिनभर आवारा पशु, गायें और पक्षी मुंह मारने को मजबूर हैं। प्लास्टिक और दूषित गंदगी खाने की वजह से इन बेजुबान जानवरों के स्वास्थ्य और जीवन पर गंभीर संकट मंडरा रहा है।
सड़न और बदबू से लोग परेशान: गंदगी के इन ढेरों से उठने वाली तीव्र दुर्गंध के कारण स्थानीय निवासियों, स्कूल आने-जाने वाले बच्चों और राहगीरों का वहां से पैदल निकलना भी दूभर हो चुका है। बारिश या हवा चलने के बाद यह कचरा सड़कों पर फैल जाता है, जिससे बीमारी फैलने का खतरा कई गुना बढ़ गया है।
सद्भावना सेवा फाउंडेशन ने की त्वरित कार्रवाई की मांग
सद्भावना सेवा फाउंडेशन ने नगर निगम और स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि डीपीएस स्कूल के चारों तरफ फैले इन सभी 25 कचरा स्पॉटों को तत्काल चिन्हित कर वहां से कचरा हटाया जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि बच्चों के स्कूल और रिहायशी इलाके के पास से इस गंदगी साम्राज्य को जल्द साफ नहीं किया गया और नियमित कचरा उठान सुनिश्चित नहीं हुआ, तो स्थानीय लोगों को साथ लेकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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