
उदयपुर/गांधीनगर। गुजरात की चर्चित गिफ्ट सिटी (GIFT City) में सामने आए 100 करोड़ रुपये के बड़े निवेश घोटाले के तार अब उदयपुर से भी जुड़ गए हैं। डेटा स्टोरेज के नाम पर हजारों निवेशकों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले मुख्य आरोपी उत्पल पटेल ने ठगी की रकम को खपाने के लिए उदयपुर में करीब चार बीघा जमीन खरीदी थी, जहाँ वह एक आलीशान रिजॉर्ट बनाने की योजना पर काम कर रहा था। इस बात का खुलासा तब हुआ जब गांधीनगर की डभोडा पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल पोंजी स्कीम रैकेट के सिलसिले में अरावली जिला कांग्रेस के अध्यक्ष अरुण पटेल और कंपनी के जोनल मैनेजर सचिन अमृत पटेल को गिरफ्तार किया।
पुलिस अब मुख्य आरोपी की उदयपुर स्थित इस बेनामी जमीन और रिजॉर्ट प्रोजेक्ट से जुड़ी अन्य संपत्तियों को कुर्क (सीज) करने की कानूनी तैयारी कर रही है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि ‘शूटस्पेस डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड’ कंपनी का मुख्य डायरेक्टर उत्पल पटेल अपनी पत्नी भूमि पटेल के साथ घोटाला उजागर होने से ठीक पहले दुबई फरार हो गया। आरोपियों ने निवेशकों को झांसा देकर जो करोड़ों रुपये बटोरे थे, उन्हें ‘हरी हॉस्पिटैलिटी एंड लेजर लिमिटेड’ जैसी दूसरी मुखौटा (शेल) कंपनियों में डायवर्ट किया गया। इसी पैसे का इस्तेमाल कर उदयपुर के प्राइम लोकेशन पर रिजॉर्ट के लिए जमीन की डील की गई थी। पुलिस अब इन सभी बैंक खातों को फ्रीज कर रही है और आरोपियों को वापस भारत लाने के लिए लुकआउट नोटिस जारी करने की प्रक्रिया में है।
क्या था गिफ्ट सिटी का यह पोंजी घोटाला?
गांधीनगर एसपी रवि तेजा वासमशेट्टी के अनुसार, कंपनी के पास कोई वास्तविक सर्वर इंफ्रास्ट्रक्चर या डेटा स्टोरेज की सुविधा नहीं थी। इसके बावजूद लोगों को बहलाने के लिए एक आसान मॉडल पेश किया गया:
निवेशकों को बताया गया कि यह एक डेटा सेंटर रेंटल कंपनी है। जैसे कोई कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाकर दुकानें किराए पर देता है, वैसे ही यह कंपनी डेटा स्टोरेज किराए पर देती है।
प्रति 1 टेराबाइट (TB) स्पेस के लिए निवेशकों से ₹38,940 (GST सहित) जमा कराए गए।
इसके एवज में हर महीने ₹1,650 का फिक्स किराया (मंथली रिटर्न) देने का लालच देकर बकायदा फर्जी एग्रीमेंट साइन कराए गए। महज 1 साल में 50% रिटर्न का झांसा देकर 5 हजार से ज्यादा निवेशकों से करीब 100 करोड़ रुपये ठग लिए गए।
जांच के दायरे में कई रसूखदार
अरावली कांग्रेस अध्यक्ष भी गिरफ्तार: इस मामले में गिरफ्तार अरावली जिला कांग्रेस अध्यक्ष अरुण पटेल कंपनी में पूर्व डायरेक्टर रह चुके हैं। भले ही उन्होंने अक्टूबर में कागजों पर कंपनी छोड़ दी थी, लेकिन मुख्य आरोपियों के खातों से उनके बैंक अकाउंट में कई बड़े वित्तीय लेनदेन पाए गए हैं, जिससे उनके तार इस घोटाले से सीधे जुड़ रहे हैं।
CA खंगाल रहे हैं दस्तावेज: वर्तमान में पुलिस और चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की टीम कंपनी के दस्तावेजों और बैंक लोन रिकॉर्ड्स की स्क्रूटनी कर रही है। पुलिस का मानना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, उदयपुर में किए गए निवेश और इस रैकेट के स्थानीय संपर्कों को लेकर कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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