
मुंबई/उदयपुर।
विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर मुंबई में आयोजित एक विशेष और भव्य समारोह में मेवाड़ पूर्व राजघराने के प्रमुख सदस्य एवं प्रख्यात समाजसेवी डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ को “ग्रीन क्रूसेडर अवार्ड” से सम्मानित किया गया. पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए ऐतिहासिक और उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा गया है. यह गौरवमयी सम्मान उन्हें महाराष्ट्र के माननीय राज्यपाल श्री जिश्नु देव वर्मा के कर-कमलों द्वारा प्रदान किया गया.
‘जलवायु कार्रवाई’ पर केंद्रित था संयुक्त राष्ट्र समर्थित यह भव्य आयोजन
यह विशेष समारोह भामला फाउंडेशन द्वारा बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC), पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (भारत सरकार) तथा संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया गया था. विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अंतर्गत इस वर्ष की विशेष थीम “जलवायु कार्रवाई के लिए एक तत्काल आह्वान” पर आधारित एक महाअभियान चलाया गया. यह आयोजन भामला फाउंडेशन के पर्यावरण संरक्षण, सामुदायिक सेवा और जन-जागरूकता के 30 से अधिक वर्षों के समर्पित सफर का भी एक ऐतिहासिक प्रतीक बना. इस अवसर पर फाउंडेशन ने अपने “30+ वर्ष अभियान” का अनावरण किया और उन वरिष्ठ संरक्षकों का भी आदरपूर्वक सम्मान किया जिन्होंने लंबे समय से पर्यावरण सुरक्षा के इन प्रयासों को मजबूती दी है.
डॉ. लक्ष्यराज सिंह के नाम दर्ज हैं 10 ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’
डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने प्रकृति के संतुलन, प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और हरियाली बढ़ाने के लिए जमीनी स्तर पर कई बड़े कार्य किए हैं, जिससे हजारों लोगों को पर्यावरण बचाने की प्रेरणा मिली है. उनके इसी निस्वार्थ समर्पण, कड़ी मेहनत और सामाजिक प्रतिबद्धता के चलते उनके नाम 10 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स (Guinness World Records) दर्ज हो चुके हैं, जिनमें से कई रिकॉर्ड सीधे तौर पर पर्यावरण संरक्षण से जुड़े हैं:
“वृक्ष ही जीवन” अभियान: इसके तहत उन्होंने हजारों पर्यावरण प्रेमियों को एक साथ एक मंच पर जोड़कर रिकॉर्ड स्तर पर सर्वाधिक पौधारोपण करवाया था.
एक घंटे में सर्वाधिक बीज: उन्होंने प्रकृति को हरा-भरा करने के उद्देश्य से महज एक घंटे के भीतर सबसे ज्यादा बीज बोने का विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया था.
सौर ऊर्जा का अभिनव प्रयास: पर्यावरण अनुकूल और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने सौर ऊर्जा आधारित लैंपों का एक विशाल प्रदर्शन आयोजित किया था, और बाद में इन लैंपों को जरूरतमंद लोगों के बीच निःशुल्क वितरित किया.
इन दूरदर्शी और अभिनव प्रयासों ने न केवल पर्यावरण की रक्षा की, बल्कि सतत विकास (Sustainable Development) के प्रति भी समाज में एक व्यापक चेतना जगाई है.
देशभर की दिग्गज हस्तियां रहीं मौजूद
इस गरिमापूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच पर देशभर से आए नामचीन पर्यावरणविद्, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियां मौजूद रहीं. भामला फाउंडेशन का यह भव्य आयोजन वैश्विक स्तर पर मंडरा रहे जलवायु परिवर्तन के खतरे के खिलाफ समाज को एकजुट करने और आने वाली पीढ़ी के लिए एक स्वच्छ, हरित और सतत भविष्य के निर्माण का एक बड़ा संदेश दे गया.
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