
उदयपुर। राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की पीसीपीएनडीटी टीम ने गुरुवार को उदयपुर में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रूण लिंग जांच के अवैध धंधे का पर्दाफाश किया है। टीम ने डिकॉय ऑपरेशन के जरिए एक IVF सेंटर की संचालिका डॉक्टर और एक महिला दलाल को गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार, उदयपुर स्थित अमर आशीष हॉस्पिटल एंड टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर में भ्रूण लिंग जांच के बदले 35 हजार रुपए लिए जा रहे थे। डिकॉय ऑपरेशन के तहत एक गर्भवती महिला को ग्राहक बनाकर भेजा गया। महिला दलाल पूजा सागर गर्भवती को अलग-अलग जांच केंद्रों पर ले गई और अंत में IVF सेंटर पहुंचाया।
आरोप है कि सेंटर संचालिका डॉ. नीना सक्सेना (60) ने पहले पैसे देने की शर्त रखी और 30 हजार रुपए लेने के बाद भ्रूण का लिंग ‘बेटा’ बताया। इशारा मिलते ही पीसीपीएनडीटी टीम ने मौके पर पहुंचकर डॉक्टर और दलाल को हिरासत में ले लिया।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के एमडी डॉ. अमित यादव के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में सेंटर के जरूरी दस्तावेज सील कर दिए गए हैं। मामले की जांच पीबीआई थाना पुलिस कर रही है और अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
एएसपी डॉ. हेमंत जाखड़ ने बताया कि उदयपुर जिले में भ्रूण लिंग जांच की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। पुष्टि होने के बाद टीम ने योजना बनाकर यह डिकॉय ऑपरेशन किया।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि PCPNDT अधिनियम, 1994 के तहत भ्रूण लिंग निर्धारण गंभीर अपराध है। विभाग ने कहा कि लिंग चयन जैसी सामाजिक बुराई को खत्म करने के लिए आगे भी ऐसी सख्त कार्रवाइयां जारी रहेंगी।
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