प्रेस कॉन्फ्रेंस में घिरे मेयर पारस सिंघवी : 272 भूखंड घोटाले से लेकर टूटी सड़कों पर बेबाकी से दिए जवाब, कहा— बीजेपी-संघ विचारधारा का व्यक्ति बेईमान नहीं हो सकता

फोटो : कमल कुमावत

 

उदयपुर। उदयपुर नगर निगम में मुख्य चुनाव आयुक्त और विपक्ष के आरोपों पर बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में सियासी घमासान उस वक्त स्थानीय जनमुद्दों में तब्दील हो गया, जब पत्रकारों ने मेयर पारस सिंघवी को निगम से जुड़े भ्रष्टाचार और प्रशासनिक नाकामियों पर आड़े हाथों लिया। राष्ट्रीय राजनीति पर आक्रामक रुख अपना रहे मेयर से जब शहर की बदहाल सड़कों, 272 भूखंड घोटाले और धूल फांकती पार्किंग परियोजनाओं पर तीखे सवाल दागे गए, तो उन्होंने टालमटोल करने के बजाय एक मंझे हुए राजनेता की तरह खुलकर जवाब दिए।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों और मेयर पारस सिंघवी के बीच हुई सीधी सवाल-जवाब की झलक:

सवाल-जवाब : भ्रष्टाचार, टूटी सड़कें और फ्लॉप पार्किंग योजना

सवाल : 272 भूखंड घोटाले में 2 करोड़ की रिश्वत का मामला सीधे नगर निगम से जुड़ा है। इस तरह के संस्थागत भ्रष्टाचार को रोकने के लिए आपका विजन क्या है?

मेयर पारस सिंघवी: “देखिए, इसमें भ्रष्टाचार हुआ है और जो दोषी थे, वे जेल भी गए हैं। निष्पक्ष कार्रवाई होनी ही चाहिए। लेकिन कुछ लोग इस संवेदनशील मामले में जनता को जानबूझकर गुमराह कर रहे हैं। उनके पास 50 भूखंडों की भी सूची नहीं है, मामला हद से हद 44 भूखंडों का है। जिन आम नागरिकों को निगम ने मकान बनाने की स्वीकृति (परमिशन) दी है, उनकी इसमें कोई गलती नहीं है। इसमें अधिकारियों का इंवॉल्वमेंट रहा है और इसकी गहन जांच होनी चाहिए, जो कि एसओजी (SOG) कर भी रही है। लेकिन किसी एक व्यक्ति की व्यक्तिगत गलती की सजा पूरी पार्टी को नहीं दी जा सकती। मैं दावे से कह सकता हूं कि बीजेपी और संघ (RSS) विचारधारा का कोई भी व्यक्ति बेईमान नहीं हो सकता।”

सवाल : शहर की कॉलोनियों में टूटी सड़कें जनता के लिए नासूर बन चुकी हैं। जहां टेंडर हो चुके हैं, वहां भी ठेकेदार डामर महंगा होने का बहाना बनाकर काम रोक रहे हैं, इस पर क्या कहेंगे?

मेयर पारस सिंघवी : “यह बात वाकई सच है कि शहर में सड़कों की स्थिति फिलहाल काफी खराब है। ठेकेदारों की हीलाहवाली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आज ही मैंने खुद अधिकारियों के साथ प्रभावित इलाकों का दौरा किया है। ठेकेदारों की समस्याओं को सुलझाते हुए जल्द ही एक ठोस प्लान बनाकर सभी सड़कों को दुरुस्त करने का काम युद्धस्तर पर शुरू किया जाएगा।”

सवाल: गुलाबबाग के बाहर खांजीपीर रोड और सूरजपोल की बहुमंजिला पार्किंग आपकी ही देखरेख में बनीं, लेकिन उनका कितना उपयोग हो पा रहा है, यह सबके सामने है। आगे की क्या प्लानिंग है?

मेयर पारस सिंघवी: “मैं यह स्वीकार करता हूं कि इस योजना में हमसे कुछ गलतियां हुई हैं। हम स्थानीय लोगों और पर्यटकों को उन पार्किंग स्थलों का उपयोग करने के लिए उस स्तर पर जागरूक नहीं कर पाए, जैसा होना चाहिए था। लेकिन यह अभी शुरुआत है। जहां हमसे गलतियां या खामियां हुई हैं, हम उनमें सुधार करेंगे और ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर पार्किंग व्यवस्था को सुचारू बनाएंगे।”

(नोट: प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब पत्रकारों ने रेलवे स्टेशन के सामने स्थित कच्ची बस्ती के पुनर्वास और वहां व्याप्त समस्याओं को लेकर सवाल पूछा, तो मेयर इस विषय पर मौन साधे रहे और कोई सीधा जवाब नहीं दिया।)

पत्रकारिता के नजरिए से : बयानों के सियासी मायने

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरने आए मेयर पारस सिंघवी को जब पत्रकारों ने स्थानीय मुद्दों पर घेरा, तो उन्होंने कई अहम राजनीतिक संकेत दिए। भूखंड घोटाले में अधिकारियों को कटघरे में खड़ा कर उन्होंने पार्टी और संघ की साख बचाने की कोशिश की, तो वहीं पार्किंग योजना में विफलता को स्वीकार कर अपने प्रशासनिक रुख में लचीलापन दिखाया।

बहरहाल, सड़कों के डामरीकरण और पार्किंग के सुधारीकरण के उनके आश्वासनों पर उदयपुर की जनता और विपक्ष दोनों की नजरें टिकी रहेंगी।

 

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