उदयपुर। उदयपुर के सूरजपोल क्षेत्र में स्थित टाटा मोटर्स के सामने एक शॉपिंग सेंटर में कल देर रात बदमाशों ने बुलडोजर चलाकर लगभग दर्जन भर दुकानों के छज्जे गिरा दिए और शटर तोड़ डाले। इस घटना से शहर में प्रशासन की नाकामी और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सवाल यह उठाया जा रहा है क्या यही कानून का राज है? इस मामले में अभी तक प्रशासन ने भी कोई वक्तव्य जारी नहीं किया है।
शहर के ही कुछ बदमाशों ने योजनाबद्ध तरीके से दुकानों को निशाना बनाया। आसपास के रैगर कॉलोनी के लोगों ने जब शोर मचाया, तो बदमाशों ने बिजली का खंभा तोड़ दिया और मौके से फरार हो गए। यह घटना प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलती है, जिससे नागरिकों में भय और असुरक्षा की भावना बढ़ गई है।
क्षतिग्रस्त दुकानों में नंदू ट्रेवल्स के मालिक राकेश जोशी ने बताया कि बदमाशों ने योजनाबद्ध तरीके से दुकानों के आगे के हिस्से तोड़े। जोशी ने कहा कि जिन दुकानों को नुकसान पहुंचाया गया है, उनमें किराएदार व्यवसाय कर रहे हैं। दुकानों के मालिक राकेश साहू पर आरोप है कि वह किराएदारों को डरा-धमकाकर उन्हें बेदखल करने का प्रयास कर रहा है।
तोड़ी गई दुकानों में प्रेम रैगर की सिंगारिया टायर्स, सिराज खान की कोहिनूर इंजीनियर, सत्यनारायण की शिवशक्ति वेल्डिंग, अशोक भाई की अशोक ट्रेडर्स, घनश्याम शर्मा की श्रीनाथ मोटर्स सहित 12 दुकानें शामिल हैं।
घटना की सूचना मिलने के बाद भी प्रशासन की प्रतिक्रिया धीमी रही। सूरजपोल पुलिस को सूचना देने के बाद क्षेत्र के डीएसपी छगन पुरोहित और थानाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर हताहत दुकानदारों के बयान दर्ज किए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उदयपुर के नागरिकों में आक्रोश व्याप्त है।
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