
उदयपुर। उदयपुर नगर निगम क्षेत्र के विस्तार के तहत ग्राम पंचायत सिसारमा के राजस्व गांव सिसारमा को निगम क्षेत्र में शामिल किए जाने के फैसले का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। गांववासियों का कहना है कि वे इस निर्णय से सहमत नहीं हैं और वे अपने गांव को पूर्ववत ग्राम पंचायत के अधीन ही रखना चाहते हैं।
गौरतलब है कि इस मुद्दे पर 7 फरवरी 2025 को ग्रामीणों की ओर से जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा गया था, जिसमें सिसारमा को नगर निगम क्षेत्र से बाहर रखने की मांग की गई थी। ग्रामीणों का तर्क है कि नगर निगम में शामिल होने से उनकी पारंपरिक ग्राम व्यवस्था, कृषि आधारित जीवनशैली और प्रशासनिक सुविधाएं प्रभावित होंगी।

इस क्रम में अब गांव के प्रमुख नागरिकों और विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने घोषणा की है कि 21 अप्रैल 2025 को प्रातः 11 बजे कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा जाएगा।
गांव के वरिष्ठ नागरिक और पूर्व भूमि विकास बैंक अध्यक्ष मथुरेश नागदा ने बताया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित नहीं है, बल्कि यह गांव की पहचान, आत्मनिर्भरता और विकास की मौलिक दिशा को बनाए रखने का प्रयास है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि उनकी भावनाओं और पारंपरिक ढांचे का सम्मान करते हुए सिसारमा को ग्राम पंचायत के अधीन ही रखा जाए।
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