
उदयपुर। भारत की पहली महिला शिक्षिका और सामाजिक सुधारक सावित्रीबाई फुले की जयंती उदयपुर के मोहनलाल सुखाड़िया रंगमंच, टाउन हॉल में धूमधाम से मनाई गई। यह आयोजन सर्व ओबीसी समाज महापंचायत ट्रस्ट, सामाजिक अधिकारिता एवं न्याय विभाग, और सावित्रीबाई फुले पर्यावरण एवं शिक्षण संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत सावित्रीबाई फुले की तस्वीर पर माल्यार्पण और पूजा-अर्चना से हुई। मुख्य अतिथि मोतीलाल सांखला, अध्यक्ष प्रो. सुधा चौधरी और विशिष्ट अतिथियों में दिनेश माली, लोकेश चौधरी, रमाकांत अजारिया, भंवरलाल सुहालका, पी. एस. पटेल, सूर्य प्रकाश सुहालका, और मणी बेन पटेल उपस्थित रहे।
सम्मान समारोह में शिक्षा और प्रतिभा का गौरव
इस कार्यक्रम में 149 शिक्षिकाओं और 18 प्रतिभाशाली बालिकाओं को उनके उत्कृष्ट कार्यों और योगदान के लिए सम्मानित किया गया। उन्हें सावित्रीबाई फुले साहित्य, स्मृति चिन्ह, और उपरणा भेंट कर उनका अभिनंदन किया गया। शिक्षकों के चयन का नेतृत्व भैरूलाल कलाल ने किया।

सावित्रीबाई फुले के योगदान को किया गया याद
ट्रस्ट के संस्थापक दिनेश माली ने सावित्रीबाई फुले के जीवन और कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा, “सावित्रीबाई फुले ने न केवल महिलाओं के लिए शिक्षा के द्वार खोले बल्कि समाज में व्याप्त बाल विवाह, छुआछूत, और जाति भेदभाव जैसी कुरीतियों के खिलाफ भी संघर्ष किया। उन्होंने महिला शिक्षा के लिए अनेक स्कूल स्थापित किए और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में ऐतिहासिक योगदान दिया।”
विशेष सत्र और संदेश
कार्यक्रम में मंच संचालन सूर्य प्रकाश सुहालका, राजेंद्र सेन और नम्रता चौधरी ने किया। इस दौरान अतिथियों ने सावित्रीबाई फुले के आदर्शों को अपनाने और समाज में शिक्षा का प्रसार करने का आह्वान किया। अध्यक्ष प्रो. सुधा चौधरी ने कहा कि “महिला शिक्षा समाज के उत्थान की नींव है, और सावित्रीबाई फुले इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं।”

समाज को मिला प्रेरणा का संदेश
कार्यक्रम के समापन पर सभी अतिथियों, शिक्षकों और समाज के गणमान्य व्यक्तियों का सम्मान किया गया। यह आयोजन न केवल सावित्रीबाई फुले के योगदान को श्रद्धांजलि देने का माध्यम बना, बल्कि शिक्षा, सामाजिक सुधार और महिला सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी प्रयास था।
सावित्रीबाई फुले के संघर्ष और योगदान को याद करते हुए, यह आयोजन समाज को उनके आदर्शों पर चलने और समानता व शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए प्रेरित करता है।
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