उदयपुर। शहर की नि शुल्क साहित्य सेवा में सतत् रूप से लगे शायराना उदयपुर का दूसरा सम्मान समारोह सम्पन्न हुआ।

संगठन के समन्वयक अमित यादव ने बताया भीलवाड़ा के निवासी प्रसिद्ध कवि राजेंद्र गोपाल व्यास को शायराना उदयपुर पुरस्कार 2024 से नवाज़ा गया।
शहर के शायर कवियों को नि शुल्क मंच उपलब्ध कराने के लिए 10 वर्षों की लंबी यात्रा में दूसरा सम्मान समारोह आयोजित हुआ शायराना उदयपुर के आयोजन में उदयपुर से जुड़े हुए तथा छुपी प्रतिभाओं को समाज के सामने लाने का बीड़ा उठाया है, जिसमें सभी धर्म जाति पंथ के रचनाकार शामिल हैं ऐश्वर्या कॉलेज के प्रांगड़ में आयोजित समारोह में कार्यक्रम का शुभारंभ दोपहर को हुआ है।

संस्था के संस्थापक मनोज गीतांकर ने सभी अतिथियों का शब्दों द्वारा स्वागत करते हुए विगत 10 वर्षों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए नि शुल्क साहित्य सेवा के लिए युवाओं के लिए कार्यशाला करने की घोषणा की, साथ ही आगामी आयोजित कवि सम्मेलन की घोषणा की, जिसमें अध्यात्मवाद एवं साहित्य का प्रभाव देखने को मिलेगा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध युवा समाजसेवी एवं संस्कृत विशेषज्ञ डॉ.जिनेंद्र शास्त्री थे, वहीं अध्यक्षता शायराना उदयपुर के सदस्य एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हितेश मेहता ने की विशिष्ठ अतिथि डॉ.शोभा लाल औदीच्य थे।
शहर के जानेमाने अंतरराष्ट्रीय कवि आज़ाद शत्रु, चिकित्सक डॉ.उपवन पंड्या,ब्रजराज सिंह जागावत, अमित यादव ,महमूद ख़ान ,सैयद हुसैन ,हेमंत पालीवाल ,शब्बीर ख़ान,मनीष चौबिसा ,डॉक्टर हनुमान सिंह राजपुरोहित ,छगन खत्री ,नरेश पंवार, शिव रतन तिवारी, सीता शर्मा ,अनिल माथुर, दिनेश बोरिवाल,चंद्र प्रकाश गंधर्व ,देवयानी शर्मा ने अपनी रचना सुनाकर सभी सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया
मुख्य अतिथि डॉक्टर शास्त्री ने अपने उद्बोधन में साहित्य को समाज का दर्पण बताते हुए इसके रोपण की आवश्यकता युवाओं में करने पर ज़ोर दिया साथ ही संस्कृति से ही साहित्य के संबंध को वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्रस्तुत कर आम जन को मंत्रमुग्ध कर दिया।
डॉक्टर शास्त्री ने कहा कि कवि सम्मेलन समाज के लिए और औषधियों का काम करती है इसमें संस्कृति के साथ साथ आध्यात्मिकता का समावेश अति आवश्यक है।
डॉक्टर शास्त्री महाराणा प्रताप को महान बताते हुए कहा कि महाराणा प्रताप का व्यक्तित्व इतना बलशाली था कि विरोधी भी उनका लोहा मानते थे।
विशेष अतिथि डॉक्टर शोभालाल औदिच्य ने साहित्य व समाज के संबंधों पर ज़ोर दिया।
शायराना उदयपुर के सदस्य ने अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हितेश मेहता ने साहित्यकारों को समाज का सच्चा सेवक बताते हुए कहा कि कलमकार तलवार से भी प्रभावी होते हैं वे समाज की वैचारिक गंदगी को हटाते हैं ये समाज में मूल्यों का रोपण करते हैं।
इस अवसर पर सम्मानित हुए कवि राजेंद्र गोपाल व्यास ने अपनी रचनाओं को सभागार में सुनाया। ख्यातनाम कभी अजात शत्रु ने अपने चिर परिचित अंदाज़ में सौंदर्य समर्पण का समाज पर छंद और मुक्तक सुनाकर ख़ूब वाहवाही लूटी कभी वृद्धि राज सिंह जगत ने माना पता पर जोशीला कविता सुनाकर माहौल को ओजपूर्ण कर दिया।
प्रख्यात कवि डॉक्टर उपवन पंड्या ने प्रेम सुंदर पर अपनी मुक्तक प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम का संचालन बृजमोहन वशिष्ठ ने किया संचालन करते हुए मेवाड़ के दिवंगत शायर नंद चतुर्वेदी की रचनाओं को प्रस्तुत किया।
About Author
You may also like
-
नगर निगम ई-पब्लिक लाइब्रेरी में हाईटेक RFID ऑटोमेशन सिस्टम का शैक्षणिक अवलोकन
-
राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागड़े का 7 जनवरी को उदयपुर दौरा : बीएन विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में स्टूडेंट्स को देंगे डिग्रियां व गोल्ड मेडल
-
फ्लावर शो में सखी और समाधान प्रोजेक्ट्स बने पर्यटकों की पहली पसंद, हिन्दुस्तान जिंक की CSR पहल को मिली बड़ी सराहना
-
किसानों ने जब गधों को गुलाब जामुन खिलाए…हरकत में आया कृषि विभाग
-
उदयपुर : 12 दिन के नवजात की मौत पर GBH अमेरिकन हॉस्पिटल कटघरे में, इलाज में लापरवाही के गंभीर आरोप