स्पॉट रिपोर्ट : चिरवा टनल पर दहशत के 120 मिनट, मौत को मात देकर उठा पैंथर, तो थम गई राहगीरों की धड़कनें

उदयपुर-नाथद्वारा हाईवे | रविवार की शाम ढल रही थी। उदयपुर-नाथद्वारा हाईवे पर चिरवा टनल के पास ट्रैफिक अपनी सामान्य रफ्तार से चल रहा था। तभी अचानक जंगल की तरफ से एक पैंथर छलांग लगाकर डिवाइडर की ओर बढ़ा। टनल से बाहर निकल रहे एक तेज रफ्तार वाहन ने पैंथर को जोरदार टक्कर मार दी। पैंथर उछलकर सड़क के बीचों-बीच जा गिरा।

मौके पर सन्नाटा पसर गया। पैंथर हिल नहीं रहा था। राहगीरों ने समझा कि पैंथर की मौत हो चुकी है। देखते ही देखते हाईवे के दोनों ओर गाड़ियों के पहिए थम गए। लोग अपनी कारों से बाहर निकल आए। कोई फोटो खींच रहा था, तो कोई वीडियो बनाने के लिए पैंथर के बेहद करीब पहुंच गया।

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करीब 20 मिनट बाद अचानक पैंथर के शरीर में हरकत हुई। जो लोग उसे मृत समझकर करीब खड़े थे, उनके होश उड़ गए। पैंथर ने पहले अपना सिर उठाया और फिर लड़खड़ाते हुए खड़ा हो गया। वह घायल था, लेकिन उसके उठते ही हाईवे पर भगदड़ मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए वापस गाड़ियों की ओर भागे। कई लोग घबराहट में सड़क पर ही गिर पड़े।

पैंथर अब घायल अवस्था में टनल के मुहाने पर ही चक्कर लगा रहा था। डर के मारे किसी भी वाहन चालक की हिम्मत आगे बढ़ने की नहीं हुई। हाईवे की दोनों लेन पर करीब 5 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। टनल के भीतर फंसे लोगों के लिए यह स्थिति और भी खौफनाक थी।

पुलिस और वन विभाग को सूचना दी गई। पुलिस की पीसीआर वैन मौके पर पहुंची और लाउडस्पीकर से लोगों को अपनी गाड़ियों के भीतर रहने की सख्त हिदायत दी गई। पैंथर टनल के पास की झाड़ियों में जाकर बैठ गया, जहां से वह लगातार राहगीरों को देख रहा था।

वन विभाग की रेस्क्यू टीम जाल और आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर पहुँची। अंधेरा होने के कारण ऑपरेशन में चुनौती आ रही थी। पूरे इलाके को ‘नो-गो ज़ोन’ घोषित कर दिया गया।

देर रात तक की स्थिति : वन विभाग के अनुसार पैंथर को ट्रेंकुलाइज करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। हाईवे पर यातायात को धीरे-धीरे एक लेन से निकालने का प्रयास किया जा रहा है। घायल वन्यजीव की सुरक्षा और राहगीरों की जान को लेकर प्रशासन हाई अलर्ट पर है।

 

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