उदयपुर कंट्रोवर्सी न्यूज : सियासी मंच पर कुर्सी नहीं मिली पर अफसर को मिल गया स्टे, सीज दुकानों में हो गई चोरी

फोटो : कमल कुमावत


उदयपुर। उदयपुर शहर में मंगलवार को तीन स्थानों पर कंट्रोवर्सी हो गई। पहली कंट्रोवर्सी तो भाजपा के मंच पर हुई, जहां विधायकों को सीट नहीं मिली। दूसरा विवाद सीएमएचओ पद को लेकर था, जहां कोर्ट से स्टे मिल गया। तीसरी कहानी उन दुकानों की जो सीज थी और उनमें चोरी हो गई।

भाजपा में प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मंगलवार को उदयपुर पहुंचे तथा भाजपा कार्यकर्ताओं में जीत का मंत्र देने आए थे। यहां भुवाणा स्थित ओपेरा गार्डन में उदयपुर, बांसवाड़ा—डूंगरपुर और चित्तौड़गढ़ लोकसभा क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओं से लेकर पदाधिकारियों का क्लस्टर सम्मेलन आयोजित हुआ था। तीनों लोकसभा क्षेत्र के विधायकों को मंच पर जगह दी गई और उनके नाम की कुर्सियां लगाई गई थी। अपना नाम नहीं देखकर निंबाहेड़ा विधायक श्रीचंद कृपलानी तथा सलूंबर विधायक अमृतलाल मीणा नाराजगी जताते हुए नीचे जा बैठे। हालांकि आधे घंटे तक चली मान—मनुहार के बाद उन्हें मंच पर जाना पड़ा।
मुख्यमंत्री भजनलाल विशेष विमान के जरिए जोधपुर से उदयपुर पहुंचे थे। डबोक स्थित महाराणा प्रताप हवाई अड्डे पर उनके स्वागत के लिए बांसवाड़ा—डूंगरपुर के सांसद कनकमल कटारा, निंबाहेड़ा विधायक श्रीचंद कृपलानी और पिंकेश पोरवाल ने स्वागत किया। जबकि भाजपा अध्यक्ष सीपी जोशी का स्वागत उदयपुर शहर जिला अध्यक्ष रवीन्द्र श्रीमाली, ग्रामीण जिलाध्यक्ष चंद्रगुप्त सिंह चौहान और राज्यसभा सदस्य चुन्नीलाल गरासिया ने की थी। बैठक में कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी, उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन, उदयपुर—ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा भी शामिल थे।


डॉ. बामनिया को मिला कोर्ट से स्टे, 4 दिन बाद संभाला पदभार
उदयपुर।: लोकसभा चुनाव से पहले लगी आचार संहिता से एक दिन पहले राज्य सरकार के तबादला आदेश से जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बनाए गए डॉ. अशोक आदित्य को चार दिन में ही कुर्सी छोड़नी पड़ी। राजस्थान हाईकोर्ट से लाए स्टे के बाद डॉ. शंकर लाल बामनिया ने एक बार फिर सीएमएचओ का पदभार ग्रहण कर लिया।


निगम की सीज 6 दुकानों में चोरी
उदयपुर। शहर के देहली गेट चौराहे पर किराया चल रही वक्फ की दुकानों को कुछ सप्ताह पहले ही सीज किया गया था, उनमें से छह से सामान चोरी हो गया। अज्ञात चोर जाली तथा खिड़कियों को तोड़कर दुकान में घुसे और मशीनरी तथा अन्य सामान चुरा ले गए। जिसको लेकर अलग—अलग मामले दर्ज कराए गए हैं। गौरतलब है कि निगम ने कुछ सप्ताह पहले 41 दुकानों को सीज किया था। उनके हाईकोर्ट में जाने पर उन्हें राहत तो नहीं मिली लेकिन उन्हें अपना सामान बाहर निकालने के लिए मंजूरी प्रदान कर दी गई थी। जिसको लेकर दुकानदार अपना सामान बाहर निकालने के लिए पहुंचे थे।

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