कुलपति प्रो. शिवसिंह सारंगदेवोत का कार्यकाल एक वर्ष के लिए बढ़ा, कुलाधिपति भंवर लाल गुर्जर ने की घोषणा

उदयपुर। जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ डीम्ड टू बी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कर्नल एस.एस. सारंगदेवोत का कार्यकाल विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के प्रावधानों एवं नियमानुसार एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है। बुधवार को इस निर्णय की आधिकारिक घोषणा करते हुए विश्वविद्यालय के कुलाधिपति भंवर लाल गुर्जर ने बताया कि प्रो. सारंगदेवोत के कुशल नेतृत्व और शैक्षणिक गतिविधियों की निरंतरता को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि कुलपति के रूप में अपने 14 वर्ष के लंबे कार्यकाल के दौरान प्रो. सारंगदेवोत ने विद्यापीठ को देश ही नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर एक विशिष्ट पहचान दिलाई है।

3 रुपये से शुरू हुआ सफर, आज 80 करोड़ का बजट

कुलाधिपति भंवर लाल गुर्जर ने संस्थान के गौरवशाली इतिहास को रेखांकित करते हुए बताया कि पं. जनार्दन राय नागर ने 87 वर्ष पूर्व, 21 अगस्त 1937 को महज तीन रुपये की पूंजी, पांच कार्यकर्ताओं और एक किराये के भवन से इस संस्था की शुरुआत की थी। आज यह संस्थान एक विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुका है, जिसका वार्षिक बजट 80 करोड़ रुपये से अधिक है और यहां 10 हजार से ज्यादा विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। वर्तमान में विद्यापीठ द्वारा 69 से अधिक विभिन्न प्रकार के पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जो सभी यूजीसी से पूरी तरह मान्यता प्राप्त हैं।

शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां

प्रो. सारंगदेवोत के कार्यकाल में विश्वविद्यालय ने शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के प्रभावी क्रियान्वयन सहित कौशल विकास के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक और उल्लेखनीय कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उनके कुशल मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय ने गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण व जनजातीय क्षेत्रों में शैक्षिक विस्तार और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए कई महत्वपूर्ण एवं दूरगामी पहल की हैं।

कुलपति के कार्यकाल विस्तार की इस घोषणा का विश्वविद्यालय परिवार, प्राध्यापकों और छात्रसंघ ने गर्मजोशी से स्वागत किया है। सभी ने विश्वास व्यक्त किया है कि प्रो. सारंगदेवोत के इस अनुभवी और दूरदर्शी नेतृत्व में संस्थान आने वाले समय में सफलता की नई ऊंचाइयों को छुएगा तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी साख को और अधिक मजबूत करेगा।

 

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