
वॉशिंगटन डीसी/तेहरान।
अमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक अंतरिम शांति समझौते को लेकर अब अमेरिका और इजराइल के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस समझौते का विरोध कर रहे इजराइली नेताओं और मंत्रियों को कड़ी फटकार लगाते हुए जमीनी हकीकत समझने की सलाह दी है।
पत्रकारों से चर्चा करते हुए जेडी वेंस ने स्पष्ट कहा कि अगर वे इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार का हिस्सा होते, तो दुनिया में अपने सबसे बड़े और शक्तिशाली सहयोगी अमेरिका पर इस तरह के सवाल कभी नहीं उठाते।
“हर समस्या का हल लोगों को मारना नहीं”
जेडी वेंस ने इजराइल के धुर दक्षिणपंथी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन ग्विर और वित्त मंत्री बेजालेल स्मोट्रिच के बयानों की तीखी आलोचना की। उन्होंने सैन्य कार्रवाई की सीमा तय करने की वकालत करते हुए इजराइल से सवाल पूछा:
“आपके पास दूसरा विकल्प क्या है? इजराइल सिर्फ 90 लाख की आबादी वाला एक छोटा सा देश है। हर समस्या का समाधान लोगों को मारकर नहीं निकाला जा सकता। इस समय पूरी दुनिया में डोनाल्ड ट्रम्प ही एकमात्र ऐसे नेता हैं जो इजराइल के प्रति सबसे ज्यादा सहानुभूति रखते हैं।”
युद्ध के बाद के 5 बड़े घटनाक्रम और वैश्विक प्रभाव
स्विट्जरलैंड में आज पहली औपचारिक वार्ता: अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम समझौता लागू होने के बाद दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल आज शुक्रवार को स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में पहली औपचारिक बातचीत के लिए आमने-सामने होंगे। हालांकि, लेबनान संकट को लेकर मतभेदों के चलते उपराष्ट्रपति वेंस का स्विट्जरलैंड दौरा टलने की खबरें भी आ रही हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट: अमेरिका द्वारा ईरान की नौसैनिक नाकेबंदी हटाए जाने के बाद होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही तेजी से शुरू हो गई है। इसका सीधा असर वैश्विक बाजार पर पड़ा है, जहां ब्रेंट क्रूड की कीमत 1% गिरकर 79.03 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है। इस पूरे हफ्ते में तेल की कीमतों में करीब 9.5% की कमी दर्ज की गई है।
इजराइल का अड़ियल रुख: अंतरराष्ट्रीय शांति समझौते के बावजूद इजराइली सेना (IDF) ने दक्षिणी लेबनान में अपनी तैनाती का नया नक्शा जारी कर साफ कर दिया है कि वे वहां से पीछे नहीं हटेंगे।
समझौते के बाद भी हमले जारी: पीस डील प्रभावी होने के बाद भी दक्षिणी लेबनान में इजराइली हमलों में 3 लोगों की मौत हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, 2 मार्च से अब तक इन हमलों में 3,900 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
होर्मुज से गुजरे तेल टैंकर: नाकेबंदी हटने के बाद सऊदी अरब के झंडे वाले तीन बड़े तेल टैंकरों सहित कई व्यापारिक जहाजों ने सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट को पार किया है।
रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भी उठने लगे विरोध के स्वर
ईरान के साथ हुए इस समझौते (MoU) से न केवल इजराइल, बल्कि खुद डोनाल्ड ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और सीनेटर भी हैरान हैं। सीएनएन (CNN) की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी संसद में कई रिपब्लिकन नेता इस डील पर खुलकर असंतोष जता रहे हैं। लुइसियाना के रिपब्लिकन सीनेटर बिल कैसिडी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “इस समझौते के बाद ईरान पहले से ज्यादा मजबूत हो गया है और अमेरिका कमजोर हुआ है।”
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