गुणवत्ता और नवाचार में हिंदुस्तान जिंक का डंका: CCQC 2026 में जीते 50 स्वर्ण पुरस्कार

कंपनी की विभिन्न इकाइयों से 59 परियोजनाओं की रही दमदार मौजूदगी; स्वर्ण विजेता टीमें अब नेशनल कन्वेंशन NCQC 2026 में लेंगी भाग

उदयपुर। विश्व की सबसे बड़ी एकीकृत जिंक उत्पादक और अग्रणी चांदी उत्पादक कंपनियों में शुमार हिंदुस्तान जिंक ने चैप्टर कन्वेंशन ऑन QUALITY कॉन्सेप्ट्स (CCQC 2026) में अपनी तकनीकी दक्षता और गुणवत्ता का शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी ने विभिन्न माइंस और स्मेल्टर इकाइयों से प्रस्तुत 59 परियोजनाओं में से 50 स्वर्ण (Gold) और 9 रजत (Silver) पुरस्कार अपने नाम किए हैं। इस रिकॉर्ड सफलता के साथ हिंदुस्तान जिंक सम्मेलन की सबसे सफल कंपनियों में शीर्ष पर रही।

स्वर्ण पदक जीतने वाली सभी टीमें अब आगामी ‘नेशनल कन्वेंशन ऑन क्वालिटी कॉन्सेप्ट्स (NCQC) 2026’ में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी परियोजनाओं का प्रतिनिधित्व करेंगी।

विभिन्न इकाइयों द्वारा जीते गए पुरस्कारों का ब्योरा

राज्य स्तरीय इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में कड़े मुकाबले के बीच हिंदुस्तान जिंक की विभिन्न माइंस और स्मेल्टर इकाइयों ने अपनी छाप छोड़ी:

  • राजपुरा दरीबा कॉम्प्लेक्स: 18 स्वर्ण और 2 रजत पुरस्कार

  • चंदेरिया लेड जिंक स्मेल्टर: 13 स्वर्ण और 4 रजत पुरस्कार

  • जिंक स्मेल्टर देबारी: 6 स्वर्ण पुरस्कार

  • रामपुरा आगुचा माइन: 4 स्वर्ण पुरस्कार

  • पंतनगर मेटल प्रोजेक्ट: 4 स्वर्ण और 1 रजत पुरस्कार

  • कायड़ माइन: 3 स्वर्ण और 2 रजत पुरस्कार

  • जावर माइंस: 2 स्वर्ण पुरस्कार

परिचालन उत्कृष्टता और लागत अनुकूलन पर रहा मुख्य जोर

पुरस्कृत की गई परियोजनाओं का प्राथमिक फोकस परिचालन उत्कृष्टता (Operational Excellence), उत्पादकता बढ़ाने, संयंत्रों की विश्वसनीयता में सुधार, स्थिरता (Sustainability), लागत अनुकूलन (Cost Optimization) और उत्पाद गुणवत्ता में निरंतर सुधार पर आधारित था।

कंपनी के अनुसार, यह उपलब्धि साबित करती है कि हिंदुस्तान जिंक में गुणवत्ता और नवाचार की संस्कृति कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी और मजबूत टीमवर्क से संचालित होती है।

अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतरती कार्य संस्कृति

हिंदुस्तान जिंक के लिए गुणवत्ता केवल एक लक्ष्य नहीं, बल्कि उसकी कार्य संस्कृति का अभिन्न अंग है। कंपनी के जिंक, लेड और सिल्वर उत्पाद लगातार अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरते हैं।

वर्तमान में कंपनी ISO 9001:2015, ISO 14001:2015, ISO 45001:2018, NABL मान्यता प्राप्त ISO/IEC 17025:2017 तथा BIS प्रमाणन जैसे वैश्विक मानकों का कड़ाई से पालन कर रही है। सतत सुधार (Continuous Improvement) और कर्मचारी-संचालित नवाचारों के बल पर हिंदुस्तान जिंक वैश्विक खनन एवं धातु उद्योग में एक नया मानदंड स्थापित कर रही है।

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