
Sayed habib, Udaipur। राजस्थान की राजनीति में जिन शख्सियतों ने अपने अनुभव और नेतृत्व से अमिट छाप छोड़ी है, उनमें कैलाश मेघवाल का नाम प्रमुखता से आता है। प्रदेश के गृहमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और सांसद जैसे उच्च पदों पर रहते हुए उन्होंने जनसेवा को अपना धर्म माना। आज जब उनकी तबीयत नासाज है, तो उनके चाहने वालों और साथ काम करने वालों का स्नेह उनके प्रति उमड़ पड़ा है।
बुधवार को जब वे अस्पताल से उदयपुर स्थित अपने निवास पहुंचे, तो उनसे मिलने वालों का तांता लग गया। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शांतिलाल चपलोत, पूर्व पार्षद दिनेश गुप्ता, अशोक सिंघवी, गोपाल पालीवाल और कमल कुमावत उनके स्वास्थ्य की कुशलक्षेम जानने पहुंचे। इस दौरान, राजनीति के दो दिग्गज—कैलाश मेघवाल और शांतिलाल चपलोत—के बीच पुराने दिनों की यादें ताजा हो गईं।
राजस्थान की राजनीति के स्वर्णिम युग पर चर्चा करते हुए पूर्व सीएम स्व. भैरोसिंह शेखावत, वसुंधरा राजे और मौजूदा सीएम भजनलाल के कामकाज पर भी बातचीत हुई। इन किस्सों ने न केवल उनके अनुभवों को उजागर किया, बल्कि यह भी दर्शाया कि राजनीति में वैचारिक मतभेद के बावजूद व्यक्तिगत संबंधों का कितना महत्व है।
कैलाश मेघवाल का व्यक्तित्व और उनकी संघर्षमयी यात्रा, आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्त्रोत है। उनके स्वास्थ्य में शीघ्र सुधार की प्रार्थना हर उस व्यक्ति के दिल से निकल रही है, जो उन्हें जानता है या उनके कार्यों से प्रेरित है। उनके सादगी और समर्पण की यह कहानी हर दिल को छू जाती है।
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