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बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से कुदरत के कहर और एक जादुई अंत की ऐसी दास्तां सामने आई है, जिसे सुनकर और देखकर हर कोई हैरान है। भमोरा थाना क्षेत्र के बमियाना गांव में रहने वाले ई-रिक्शा चालक नन्हे मियां बुधवार शाम आए भीषण तूफान की चपेट में आकर तिनके की तरह करीब 50 फीट ऊपर हवा में उड़ गए और 100 फीट दूर जाकर एक खेत में गिरे। इस खौफनाक हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
हादसे में गंभीर रूप से घायल नन्हे मियां के हाथ और पैर टूट गए हैं। अस्पताल से लौटने के बाद उन्होंने आपबीती साझा की, जो किसी हॉलीवुड फिल्म के सीन जैसी लगती है।
“लगा अब जिंदा नहीं बचूंगा” — नन्हे मियां की जुबानी
नन्हे मियां (निवासी बमियाना) ने बताया कि बुधवार शाम करीब 4:30 बजे वह एक बारात घर से सामान लेने गए थे। इसी दौरान अचानक मौसम बिगड़ गया और तेज आंधी-तूफान चलने लगा।
“आंधी इतनी तेज थी कि बारात घर का भारी-भरकम टीनशेड उखड़ने लगा। मुझे लगा कि अगर इसे रोका नहीं गया तो यह उड़ जाएगा। मैंने तुरंत टीनशेड में एक रस्सी बांधी और उसे पकड़कर अपनी तरफ खींचने लगा। लेकिन हवा का दबाव इतना भयानक था कि टीनशेड के साथ मैं खुद भी हवा में उछल गया। देखते ही देखते मैं 50 फीट की ऊंचाई पर था। मुझे लगा कि अब बचने की कोई उम्मीद नहीं है। इसके बाद मैं 100 फीट दूर एक खेत में जा गिरा और बेहोश हो गया। यह ऊपर वाले का करिश्मा है कि मैं जिंदा हूँ।”
मोबाइल में कैद हो गया खौफनाक मंजर
जब नन्हे मियां हवा में मौत से जूझ रहे थे, तब गांव के ही रजान अंसारी जामा मस्जिद के पास खड़े होकर सुहावने हुए मौसम का वीडियो बना रहे थे। रजान ने बताया, “मैं तो बस आंधी का वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था, तभी मेरी नजर हवा में उड़ते हुए नन्हे मियां पर पड़ी। मैंने तुरंत कैमरा उस तरफ घुमाया। यह रोंगटे खड़े कर देने वाला मंजर था।” रजान का यही वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है।
एसडीएम ने जाना हालचाल, दोबारा अस्पताल में भर्ती
हादसे के तुरंत बाद ग्रामीणों ने नन्हे मियां को देवचरा के पलक हॉस्पिटल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने उनके टूटे हुए हाथ और पैर पर प्लास्टर चढ़ाया। बुधवार रात को हालत में सुधार होने पर वे घर आ गए थे, लेकिन गुरुवार दोपहर अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें दोबारा अस्पताल ले जाना पड़ा।
घटना की गंभीरता को देखते हुए आंवला एसडीएम विदुषी सिंह खुद अस्पताल पहुंचीं और घायल नन्हे मियां का हालचाल जाना व डॉक्टरों को उचित इलाज के निर्देश दिए। नन्हे मियां के परिवार में उनकी पत्नी अंजुम बेगम और पांच बच्चे हैं, जो इस हादसे के बाद से सदमे में हैं लेकिन उनके जिंदा बचने पर ईश्वर का शुक्रिया अदा कर रहे हैं।
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