
बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर अपनी बेबाक राय और सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर मुखरता के लिए जानी जाती हैं। हालांकि, लंबे समय से फिल्मों से दूर रहने के बावजूद, वह अक्सर विवादों और ट्रोलिंग के केंद्र में रहती हैं। इस बार स्वरा अपनी एक तस्वीर को लेकर सुर्खियों में हैं, जिसमें वह मौलाना सज्जाद नोमानी के साथ नजर आ रही हैं।
तस्वीर पर विवाद और ट्रोलिंग
स्वरा भास्कर ने हाल ही में मौलाना सज्जाद नोमानी से मुलाकात की, जिसमें उनके पति फहाद अहमद भी शामिल थे। यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वरा को आलोचना का सामना करना पड़ा।

ट्रोल्स का आरोप:
- स्वरा, जो हमेशा महिलाओं के अधिकारों की बात करती हैं, एक ऐसे व्यक्ति से मिल रही हैं जो कथित रूप से महिलाओं की शिक्षा के खिलाफ रहे हैं।
- कुछ यूजर्स ने उनके लुक्स पर भी निशाना साधा और कहा कि शादी के बाद स्वरा ने अपनी पहचान पूरी तरह बदल ली है।
पैगंबर मोहम्मद पर बयान की वापसी
इस विवाद के बीच, स्वरा का एक पुराना वीडियो फिर से चर्चा में आ गया है। इसमें उन्होंने अपने पति के धर्म और भाजपा सरकार पर तीखे सवाल उठाए थे।
- स्वरा ने कहा था, “हुजूर पैगंबर मोहम्मद को सम्मान देने के लिए यह जरूरी नहीं कि आप किस जाति में पैदा हुए हैं।”
- उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा था, “अगर भाजपा सरकार आ गई तो मस्जिदें गिरा दी जाएंगी।”
- उन्होंने बिलकिस बानो के मामले का जिक्र करते हुए भाजपा नेताओं की निंदा भी की थी।
फिल्मों से दूरी, ट्रोल्स की तीखी प्रतिक्रियाएं
फहाद अहमद से शादी के बाद स्वरा फिल्मों से दूर हैं, लेकिन राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर उनके बयान अक्सर उन्हें ट्रोल्स के निशाने पर ले आते हैं।

- जहां एक पक्ष उनके विचारों की सराहना करता है, वहीं दूसरे पक्ष ने इसे “दोहरे मापदंड” करार दिया।
- सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने उनकी “फेमिनिज्म की परिभाषा” पर भी सवाल उठाए।

स्वरा भास्कर का मौलाना सज्जाद नोमानी से मिलना और उनके पुराने बयानों का वायरल होना इस बात को दर्शाता है कि वह हमेशा चर्चा में रहने वाली शख्सियत हैं। हालांकि, यह भी साफ है कि उनके विचार और सामाजिक-राजनीतिक रुख उन्हें लगातार ट्रोल्स के निशाने पर रखते हैं।
क्या यह ट्रोलिंग उनकी बेबाकी का नतीजा है, या समाज की उनकी छवि के प्रति संवेदनशीलता? इस सवाल का जवाब तो समय ही देगा।
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