4वीं राजस्थान स्टेट थांग-ता चैम्पियनशिप: मैट पर गरजी उदयपुर की तलवार-ढाल, 14 गोल्ड समेत 29 पदकों के साथ बनी ओवरऑल स्टेट चैम्पियन

उदयपुर। मणिपुर की पारंपरिक एवं आक्रामक मार्शल आर्ट ‘थांग-ता’ के राज्य स्तरीय दंगल में उदयपुर के जांबाजों ने अपने तकनीकी कौशल, गति और अचूक प्रहार के बूते पूरे राजस्थान में अपना परचम लहराया है। जयपुर के कर्नल राज्यवर्धन सिंह इंडोर स्टेडियम (भवानी निकेतन) में 25-26 अगस्त को संपन्न हुई 4वीं राजस्थान स्टेट थांग-ता चैम्पियनशिप-2026 में उदयपुर के मार्शल आर्टिस्ट्स ने 14 स्वर्ण, 10 रजत और 5 कांस्य समेत कुल 29 मेडल अपनी झोली में डालकर स्टेट चैम्पियन ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।

उदयपुर थांग-ता एसोसिएशन के मुख्य सचिव प्रफुल्ल सांवरिया ने बताया कि राज्यभर के जिलों से पहुंचे करीब 300 फाइटर्स के बीच उदयपुर के खिलाड़ियों ने ‘फुनबा’ (कॉम्बैट फाइट) के सब-जूनियर, जूनियर और सीनियर वर्गों में शानदार फुटवर्क, डिफेंस और अटैक का मुजाहिरा पेश किया।

उदयपुर के फाइटर्स का मैट पर दबदबा: पदकों का लेखा-जोखा

सीनियर पुरुष वर्ग: आयुष गर्ग, विकास सालवी और शिवांश पालीवाल ने विपक्षी फाइटर्स को मैट पर पछाड़ते हुए स्वर्ण पदक जीता। गुंजन कटारा को रजत और चेतन मेहता को कांस्य पदक मिला।

जूनियर पुरुष वर्ग: आक्रामक खेल दिखाते हुए हेमंत सालवी, ध्रुव मेहता और मानस राज ने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया, जबकि भविष्य जैन ने कांस्य पदक हासिल किया।

सब-जूनियर बालक वर्ग: साकेत सांवरिया और पुलकित मेनारिया ने अपने भारवर्ग में क्लीन स्वीप करते हुए स्वर्ण जीता। लेखाश कावड़िया और वरद पाटिल ने कड़े मुकाबले के बाद रजत पदक झटका।

सीनियर महिला वर्ग: महिला फाइटर्स के कड़े मुकाबलों में हर्षष्मिता मेनारिया ने बेहतरीन तकनीक से स्वर्ण, देवांशी सिंह ने रजत और पूजा मेघवाल ने कांस्य पदक जीता।

जूनियर महिला वर्ग: सिद्धेश्वरी सिंह, माहि डुलावत, शनाया जैन और वृंदा शर्मा ने अपने-अपने बाउट जीतकर स्वर्ण पदक झटके। हिमांशी मेनारिया, प्रिया सुहालका और भव्या हंडेरिया ने रजत तथा निहारिका चुंडावत ने कांस्य पदक जीता।

सब-जूनियर बालिका वर्ग: कुवीरा व्यास ने विरोधी फाइटर को अंकों के अंतर से मात देकर स्वर्ण अपने नाम किया। मेघाशी कावड़िया, प्रत्युशा सिंह, भावी जांगिड़ और प्राची मीणा ने फाइनल राउंड तक संघर्ष कर रजत पदक हासिल किए।

समापन समारोह में वर्ल्ड थांग-ता फेडरेशन के ग्रैंड मास्टर प्रेमकुमार ने विजेता लड़ाकों को मेडल और ट्रॉफी पहनाकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि उदयपुर के खिलाड़ियों में पारंपरिक भारतीय मार्शल आर्ट की तकनीकी समझ और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उभरने का असाधारण माद्दा नजर आता है।

 

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