
उदयपुर। उदयपुर डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (यूडीसीए) में डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ का निर्विरोध तीसरी बार अध्यक्ष बनना क्रिकेट राजनीति से ज्यादा क्रिकेट के भविष्य के लिए चर्चा का विषय है। यह निर्विरोध जीत न केवल उनकी लोकप्रियता और संगठनात्मक पकड़ को दिखाती है, बल्कि उदयपुर क्रिकेट समुदाय की उम्मीदों को भी सीधे उन्हीं से जोड़ देती है।
2009 से 2017 तक लगातार दो कार्यकाल और अब तीसरी बार अध्यक्ष—यह हैट्रिक अपने आप में ऐतिहासिक है। लेकिन खेलों में हैट्रिक के बाद भी मुकाबला खत्म नहीं होता, असली परीक्षा तो उसके बाद शुरू होती है। सवाल यह है कि लक्ष्यराज सिंह की यह हैट्रिक उदयपुर क्रिकेट के लिए रन बनाएगी या सिर्फ पद पर कब्जे की उपलब्धि तक सीमित रह जाएगी?
मेवाड़ राजपरिवार का क्रिकेट से गहरा रिश्ता रहा है। दादा महाराणा भगवतसिंह और पिता अरविंदसिंह दोनों ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अपना नाम दर्ज कराया। क्रिकेटिंग वंश परंपरा की यह विरासत लक्ष्यराज सिंह के लिए प्रेरणा भी है और जिम्मेदारी भी। आलोचना का प्रश्न यही पर उठता है—क्या वे इस विरासत को आगे बढ़ाकर उदयपुर क्रिकेट की जड़ों को और मजबूत कर पाएंगे, या फिर यह केवल “परंपरा निभाने” तक ही सीमित रह जाएगा?
जवाबदेही का सबसे बड़ा सवाल : अधूरा अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम
उदयपुर का अधूरा पड़ा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम वर्षों से खिलाड़ियों और खेलप्रेमियों की उम्मीदों पर पानी फेरता रहा है। अध्यक्ष के तौर पर यह लक्ष्यराज सिंह की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए कि इस काम को ठोस अंजाम तक पहुंचाया जाए। निर्विरोध जीत का अर्थ यह भी है कि अब कोई “बहाना” नहीं है—सारा भरोसा और सारा दबाव सीधे उन्हीं पर है।
स्थानीय क्रिकेट बनाम राजनीति
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में उनका प्रभाव निर्विवाद है, लेकिन इस प्रभाव का स्थानीय क्रिकेट को कितना लाभ मिलेगा, यह सबसे बड़ा सवाल है। केवल “बड़े मुकाबले उदयपुर लाने” से बात पूरी नहीं होगी। स्थानीय क्लब क्रिकेट, अंडर-19 और अंडर-23 जैसी जमीनी संरचनाओं को मज़बूत करना होगा। यही वह प्लेटफॉर्म है, जहां से अगली पीढ़ी के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकते हैं।
अपेक्षाओं का संतुलन
सदस्यों की निर्विरोध सहमति और अग्रिम बधाई इस बात का संकेत है कि फिलहाल संगठन एकजुट है। लेकिन यही समर्थन आने वाले समय में कठोर अपेक्षाओं में बदलेगा। खिलाड़ियों, कोचों और प्रशंसकों की उम्मीद यही होगी कि लक्ष्यराज सिंह अपनी तीसरी पारी को केवल औपचारिकता न मानें, बल्कि ठोस परिणामों के साथ क्रिकेट ढांचे में सुधार करें।
डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की तीसरी बार निर्विरोध अध्यक्षता उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि कम और उदयपुर क्रिकेट के लिए नई जिम्मेदारी ज्यादा है। क्रिकेट की भाषा में कहें तो—अब बल्लेबाज़ी की पारी उनकी है, पिच तैयार है, दर्शक इंतजार कर रहे हैं और स्कोरबोर्ड देख रहा है।
About Author
You may also like
-
आयड़ के बहते पत्थरों की पहरेदारी करेगा नया थाना? अपराध रोकने की कवायद या भ्रष्टाचार के मलबे पर निगरानी
-
T20 World Cup 2026: Namibia Captain Questions Training Schedule Ahead of India Clash
-
T20 World Cup 2026 : South Africa Defeat Afghanistan by 4 Runs in Thrilling Double Super Over Clash
-
राजस्थान बजट 2026-27 के लिए वित्त मंत्री दीया कुमारी क्या घोषणाएं की…यहां पढ़िए
-
दीया कुमारी ने शुरू किया बजट भाषण…यहां देखिए