जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज (मंगलवार) नई दिल्ली के महत्वपूर्ण दौरे पर रहेंगे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य शेखावाटी क्षेत्र के लिए जीवनदायिनी मानी जा रही ‘यमुना जल परियोजना’ को गति देना है। मुख्यमंत्री दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय बैठक में शामिल होंगे।
इस उच्चस्तरीय बैठक में यमुना जल परियोजना से संबंधित मेमोरेन्डम ऑफ एग्रीमेंट (MoA) के महत्वपूर्ण बिंदुओं को अंतिम रूप दिया जाएगा और परियोजना की राह आसान करने के लिए निर्णायक चर्चा की जाएगी।
शेखावाटी के किसानों और आमजन को मिलेगा भरपूर पानी
केंद्र सरकार के सहयोग से राजस्थान और हरियाणा की सरकारें इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए तेजी से काम कर रही हैं। सरकार का प्रयास है कि इस योजना को शीघ्र ही मूर्त रूप दिया जा सके, जिससे:
पेयजल संकट का समाधान: राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र (सीकर, झुंझुनू और चूरू संभाग) को आने वाले समय में भरपूर और शुद्ध पेयजल की आपूर्ति हो सकेगी।
अन्नदाता की खुशहाली: इस सिंचाई योजना के माध्यम से शेखावाटी अंचल के किसानों को खेतों के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा, जिससे क्षेत्र में कृषि उत्पादन बढ़ेगा और किसान खुशहाल होंगे।
संयुक्त डीपीआर (DPR) हो चुकी है तैयार
इस परियोजना के तकनीकी कार्य को लेकर प्रगति यह है कि यमुना जल परियोजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए दोनों राज्यों की एक संयुक्त डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) पहले ही तैयार की जा चुकी है। इस रिपोर्ट को आगे की स्वीकृतियों के लिए केंद्रीय जल आयोग के साथ भी साझा कर दिया गया है।
आज दिल्ली में होने वाली इस अहम बैठक में दोनों राज्यों के जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ भी मौजूद रहेंगे, ताकि समझौते के कानूनी और तकनीकी पहलुओं को तुरंत प्रभाव से हरी झंडी दी जा सके।
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