
जयपुर। जयपुर में हुआ यह हादसा न केवल शहर, बल्कि पूरे देश को हिलाकर रख देने वाला है। सुबह की निस्तब्धता में, जब आमतौर पर लोग अपने कामों में व्यस्त हो रहे होते हैं, तब एक भयंकर विस्फोट ने न जाने कितनी जिंदगियों को लील लिया। ज्वलनशील पदार्थ से भरे टैंकर और ट्रक की भीषण टक्कर के बाद पूरा इलाका आग की लपटों से घिरा। लपटें इतनी ऊंची थीं कि उन्होंने सबकुछ खाक कर दिया, यहां तक कि आकाश में उड़ते पक्षी भी जलकर गिर गए।
स्लीपर बस में सवार यात्रियों का सफर भी आखिरी साबित हुआ। 9 लोगों की मौत हो गई और झुलसे और घायल लोग अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। टैंकर में लगी आग ने बस को कुछ ही मिनटों में जलाकर राख कर दिया, और वह बस में सवार कई लोग अब केवल यादों में समा गए। 20 लोग झुलस गए, जबकि 14 लोग और बस का चालक-कंडक्टर लापता हैं, और उनके परिवारों के दिलों में एक अज्ञात भय समा गया है। उनकी खोई हुई आवाजें, उनकी अनुपस्थिति ने उनके घरों को शून्य बना दिया है।

हादसे के बाद घटनास्थल पर जो दृश्य था, वह किसी भी संवेदनशील दिल को छलनी कर दे। घायलों के बीच एक ऐसा शव भी था जिसका सिर और पैर गायब थे, जबकि केवल धड़ अस्पताल पहुंचा। टैंकर से निकली गैस का मंजर इतना भयावह था कि उसके प्रभाव से लोग दूर-दूर तक बेहोश हो गए। यहां तक कि एक बाइक सवार का हेलमेट उसके चेहरे से चिपक गया और उसकी आंखें तक जल गईं।

मनोहोर दृश्य की तरह, जहां कभी पक्षी आकाश में उड़ते थे, अब उनकी जलती हुई लाशें घटनास्थल पर बिछी थीं। एक के बाद एक धमाके सुनाई दिए, और आसमान में आग की लपटें आसमान छूने लगीं। यह आग इतनी तेज़ थी कि सड़क पर खड़ी गाड़ियां भी इसकी चपेट में आ गईं। सैकड़ों पक्षी जलते हुए अपने नसीब से लड़ते हुए गिर गए, और स्थानीय लोग अपने प्रियजनों को खोने की तकलीफ से जूझ रहे थे।

इस दर्दनाक हादसे ने न केवल जयपुर को, बल्कि पूरी दुनिया को एक कठोर सच्चाई दिखाई है – जीवन कितनी अनिश्चितता से भरा हुआ है। यह घटना केवल एक दुखद याद नहीं, बल्कि उन लोगों के दिलों में जलते हुए सवालों और गहरे ग़म का कारण बन गई है, जिनके परिजन इस हादसे का शिकार हुए हैं।
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