Batwara 1947 Movie Analysis

बंटवारा 1947 : असग़र वजाहत के कालजयी नाटक से रूपहले पर्दे तक, विभाजन का अनकहा दर्द और अनअटैच्ड औरतों की त्रासदी

नई दिल्ली। ‘जिस लाहौर नइ देख्या ओ जम्याई नइ’ पर आधारित फिल्म में शबाना आज़मी