पुस्तक विमर्श व समीक्षा: जब भूगोलवेत्ता की दृष्टि ने रचा काव्य का आईना—’प्रकृति के प्रतिबिंब’
उदयपुर। साहित्य जब केवल कल्पना की उड़ान न रहकर वैज्ञानिक यथार्थ, पर्यावरण की चिंता और भीतरी
उदयपुर। साहित्य जब केवल कल्पना की उड़ान न रहकर वैज्ञानिक यथार्थ, पर्यावरण की चिंता और भीतरी