जब परम्परा बनी पूजा और श्रद्धा बनी विरासत… मेवाड़ की सदियों पुरानी राजपरम्परा के तहत डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने श्री जगन्नाथ रायजी को अर्पित किए पोशाक एवं भोग
उदयपुर। मेवाड़ की पावन धरती पर एक बार फिर वह दिव्य क्षण साकार हुआ, जब
उदयपुर। मेवाड़ की पावन धरती पर एक बार फिर वह दिव्य क्षण साकार हुआ, जब
कोटा/उदयपुर। राजस्थान के शिक्षा और औद्योगिक केंद्र कोटा में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का
उदयपुर। मेवाड़ की गद्दी को मिला नया श्रीजी, कुलगुरु गोस्वामी ने डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़