
उदयपुर। मेवाड़ की गद्दी को मिला नया श्रीजी, कुलगुरु गोस्वामी ने डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ को तिलक कर गद्दी पर विराजित किया, एकलिंगनाथजी के दर्शन कर निभाई शाही परंपराएं
पूर्व सल्तनत-ए-मेवाड़ में शाही रस्म-ओ-रिवाज के मुताबिक़, राजपरिवार की परंपराओं को निभाते हुए डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ को मेवाड़ राजपरिवार के 77वें श्रीजी और एकलिंग दीवान के रूप में प्रतिष्ठित किया गया। बुधवार को सिटी पैलेस स्थित नौचौकी महल के राय आंगन में गद्दी उत्सव की रस्म का आगाज़ हुआ, जहां कुलगुरु डॉ. वागीश कुमार गोस्वामी ने विधिवत तिलक कर उन्हें गद्दी पर विराजित किया। शाही परंपराओं के अनुसार, डॉ. लक्ष्यराज सिंह ने दंडवत प्रणाम करते हुए कुलगुरु का आभार प्रकट किया और विधिपूर्वक हवन-पूजन संपन्न किया गया।
गद्दी विराजित होने के बाद निभाई गईं शाही परंपराएं
परंपराओं का अनुपालन करते हुए, गद्दी उत्सव पूजन के बाद ब्राह्मणों, संतों, महंतों और समाज संगठनों के पदाधिकारियों को शाही भोज पर आमंत्रित किया गया। शंभूनिवास पैलेस परिसर में अश्व पूजन की रस्म निभाई गई, जहां डॉ. लक्ष्यराज सिंह ने अपने सुपुत्र हरितराज सिंह मेवाड़ के साथ मंत्रोच्चार के मध्य शाही घोड़ों का पूजन किया। मान्यता के अनुसार, अश्व स्वामी-भक्ति और पराक्रम का प्रतीक होते हैं, और मेवाड़ के इतिहास में महाराणा प्रताप के वीर अश्व चेतक की गाथा को सम्मान देते हुए यह अनुष्ठान किया जाता है।
गद्दी उत्सव के पश्चात, डॉ. लक्ष्यराज सिंह शाही
लवाजमे के साथ कैलाशपुरी पहुंचे, जहां तालाब पूजन कर एकलिंगनाथजी के दर्शन किए। इस अवसर पर कैलाशपुरी की महिलाओं ने पुष्पवर्षा कर श्रीजी का भव्य स्वागत किया और धार्मिक गीतों से वातावरण को भक्तिमय कर दिया।

शोक-भंग की रस्म और रंगपलटाई दस्तूर
मेवाड़ की परंपरा के अनुसार, दिवंगत श्रीजी अरविंद सिंह मेवाड़ के बाद नए गद्दीनशीन की विधिवत ताजपोशी के उपरांत शोक-भंग की रस्म भी संपन्न की गई। एकलिंगनाथजी के दर्शन से पूर्व, रंगपलटाई दस्तूर निभाते हुए विधिपूर्वक पगड़ी का रंग बदला गया। इसके बाद, रात्रि 9:15 बजे जगदीश मंदिर पहुंचकर भगवान जगन्नाथरायजी के दर्शन कर मेवाड़ की समृद्धि और खुशहाली की कामना की गई।
कौन-कौन रहा मौजूद?
इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने के लिए कई प्रतिष्ठित हस्तियां उपस्थित रहीं। इनमें ओडिशा के डिप्टी सीएम कनकवर्धन सिंह देव, अंतरराष्ट्रीय कवि और अभिनेता शैलेश लोढ़ा, क्षत्रीय करणी सेना के संस्थापक अध्यक्ष राज शेखावत, संगीतज्ञ छोटू सिंह रावणा, तथा देश के ख्यातनाम ईवेंट प्लानर जयदीप उर्फ जेडी भाई मेहता सहित विभिन्न क्षत्रीय एवं सामाजिक संगठनों के गणमान्य लोग शामिल रहे।
डिप्टी सीएम कनकवर्धन सिंह ने अपने उद्गार प्रकट करते हुए कहा कि “मेवाड़ का पूर्व राजपरिवार 1500 वर्षों से चली आ रही परंपराओं का निर्वहन जिस गरिमा और भव्यता से कर रहा है, वह गौरव का विषय है।”

मेवाड़ की परंपराओं की अमर गाथा
मेवाड़ का इतिहास वीरता और परंपराओं से परिपूर्ण है। गद्दी विराजित करने की इस परंपरा के साथ, न केवल एक नया श्रीजी प्रतिष्ठित किया गया, बल्कि मेवाड़ की अनवरत चलती परंपराओं को भी पुनः जीवंत किया गया। सुनो, देखो और जानो! मेवाड़ की शान, उसकी आन, उसकी गद्दी—अब नए श्रीजी के संरक्षण में एक नई यात्रा पर अग्रसर है!
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