वैश्विक और राष्ट्रीय घटनाक्रम : चीन से दिल्ली तक बदलते समीकरण

1. तियानजिन में पीएम मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की वार्ता शुरू

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच तियानजिन में द्विपक्षीय वार्ता शुरू हो गई है। मोदी 30 अगस्त 2025 को चीन पहुँचे। यह उनका 2018 के बाद पहला चीन दौरा है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति के चलते भारत के सामने नई आर्थिक चुनौतियाँ हैं, ऐसे में चीन के साथ संबंधों में सुधार अहम माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच बीते साल लगभग 127.7 अरब डॉलर का व्यापार हुआ था, जिससे चीन भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना।

विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि मोदी समिट के दौरान अन्य देशों के नेताओं से भी मुलाक़ात करेंगे। इससे पहले दोनों नेताओं की भेंट पिछले साल रूस में हुई थी।

2. चीन के दौरे पर पहुँचे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चीन के चार दिवसीय दौरे पर तियानजिन पहुँचे। वह शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (एससीओ) शिखर सम्मेलन और जापान पर विजय की 80वीं वर्षगांठ पर आयोजित “विजय दिवस परेड” में शामिल होंगे।

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निमंत्रण पर पहुँचे पुतिन को तियानजिन बिनहाई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर “गार्ड ऑफ ऑनर” दिया गया। इस यात्रा के दौरान वह बीजिंग भी जाएंगे।

यह दौरा रूस-चीन संबंधों को मज़बूत करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग बढ़ाने की दृष्टि से अहम माना जा रहा है।

3. इसराइली हमले में यमन के प्रधानमंत्री अल-रहावी की मौत

यमन के हूती विद्रोहियों ने पुष्टि की कि उनके प्रधानमंत्री अहमद ग़ालिब नासिर अल-रहावी इस हफ़्ते की शुरुआत में इसराइली हवाई हमले में मारे गए। हमला राजधानी सना में एक बैठक के दौरान हुआ, जिसमें कई अन्य मंत्री भी मारे गए।

इसराइली सेना ने बयान जारी कर कहा कि हमला “हूती नेतृत्व को निशाना बनाने” के उद्देश्य से किया गया। हूती विद्रोही 2014 से यमन के उत्तर-पश्चिमी हिस्से पर क़ब्ज़ा किए हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार को राजधानी से बाहर कर चुके हैं।

अहमद अल-रहावी करीब एक साल पहले प्रधानमंत्री बने थे, लेकिन वास्तविक सत्ता उनके डिप्टी मोहम्मद मुफ़्ताह के हाथों में थी। शनिवार को मुफ़्ताह को औपचारिक रूप से कार्यवाहक प्रधानमंत्री घोषित कर दिया गया।

यह घटना यमन के लंबे समय से चले आ रहे गृहयुद्ध को और जटिल बना सकती है।

4. दिल्ली: कालकाजी मंदिर में सेवादार की हत्या

राजधानी दिल्ली से दुखद खबर सामने आई है। कालकाजी मंदिर में 37 वर्षीय सेवादार योगेंद्र उर्फ़ योगेश की हत्या कर दी गई।

29 अगस्त की रात करीब 9.30 बजे मंदिर परिसर में झगड़े की सूचना पुलिस को मिली। डीसीपी डॉक्टर हेमंत तिवारी के अनुसार, झगड़े में योगेश गंभीर रूप से घायल हो गए और एम्स ट्रॉमा सेंटर में उनकी मौत हो गई।

पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें कुछ लोग एक व्यक्ति को डंडों से पीटते दिख रहे हैं। फिलहाल हत्या के कारणों का पता नहीं चला है।

यह वारदात दिल्ली में मंदिर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर बड़े सवाल खड़े करती है।

 

5. एससीओ शिखर सम्मेलन: मोदी और शहबाज़ शरीफ़ पहुँचे तियानजिन

31 अगस्त से 1 सितंबर तक तियानजिन में होने वाले शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में कई देशों के नेता पहुँच चुके हैं। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ भी इसमें शामिल हुए हैं।

मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा कि वह विभिन्न देशों के नेताओं से मुलाक़ात को लेकर उत्साहित हैं। वहीं, शहबाज़ शरीफ़ ने सम्मेलन में शामिल होने से पहले कहा कि वह चीन और अन्य देशों के साथ रिश्ते मज़बूत करने, क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने और शांति व तरक़्क़ी के लिए मिलकर काम करने को तत्पर हैं।

एससीओ की पृष्ठभूमि:

स्थापना: 2001 में चीन, रूस और चार मध्य एशियाई देशों (कज़ाख़स्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज़्बेकिस्तान) ने की।

शुरुआती रूप: 1996 में हुए “शंघाई फाइव” समझौते से इसकी नींव रखी गई।

भारत और पाकिस्तान: 2017 में सदस्य बने।

ईरान: 2023 में जुड़ा।

यह सम्मेलन एशिया के भू-राजनीतिक समीकरणों में अहम भूमिका निभा रहा है और भारत-चीन-पाकिस्तान के बीच सामरिक संतुलन का संकेतक माना जा रहा है।

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